Gold Rate Today: बीते कुछ दिनों से सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार में सोने के भाव एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई. वहीं 23 कैरेट सोना 1,51,469 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,39,303 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,14,059 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा.
MCX पर सोने की कीमतों में मजबूती
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव में भी तेजी देखी गई. 9 फरवरी को MCX पर सोना 1,55,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया, जो पिछले बंद भाव 1,55,451 रुपये के मुकाबले करीब 2,012 रुपये या 1.29 फीसदी की बढ़त को दर्शाता है. यह संकेत देता है कि निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर सोने की ओर बढ़ रही है.
रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली का असर
जनवरी के आखिर में सोने के दाम अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे. 29 जनवरी को सोना करीब 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक बिकने लगा. इतनी महंगाई देखकर कई निवेशकों ने सोचा कि अब मुनाफा कमा लेने का सही वक्त है, इसलिए उन्होंने सोना बेच दिया. जब ज्यादा लोग बेचने लगे, तो सोने के भाव नीचे आने लगे और कीमतों में गिरावट देखने को मिली.
शहरों में क्या है सोने का भाव
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला. दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 1,56,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा. मुंबई, पुणे और कोलकाता में यह भाव लगभग 1,56,600 रुपये रहा. चेन्नई में सोने के दाम थोड़े ऊंचे रहे, जहां 24 कैरेट सोना 1,57,310 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. पटना और अहमदाबाद में भी सोने की कीमतें लगभग इसी दायरे में दर्ज की गईं.
गिरावट की वजह क्या रही?
पिछले कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले कमजोरी आई, लेकिन बाद में कीमतों ने जोरदार वापसी की. स्पॉट गोल्ड 106.74 डॉलर या करीब 2.23 फीसदी की तेजी के साथ 4,887.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इससे पहले यह 4,654.86 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक फिसल गया था.
आगे क्या करें निवेशक?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौर में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है. हालांकि, ऊंचे स्तरों पर खरीदारी से पहले बाजार के रुख और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर रखना जरूरी है. आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े और डॉलर की चाल सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती है.