सब्जी किसानों को हो रहा नुकसान, घाटे में उपज बेचने का मजबूर हुए अन्नदाता.. ये है वजह

कांगड़ा के किसानों को पंजाब से आने वाली सब्जियों के कारण कम दाम पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है. बाहरी व्यापारी सीधे उपभोक्ताओं को बेचकर स्थानीय मंडियों और राज्य राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं. आढ़तियों और किसानों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Feb, 2026 | 08:35 AM

Mandi Bhav: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निचले इलाकों, खासकर इंदौरा और नूरपुर उपमंडलों में सब्जी उत्पादकों को अपनी फसल बेहद कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. हालत यह है कि किसानों को सब्जियों की बिक्री से लागत भी नहीं निकल पा रही, जिससे वे आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं. किसानों और आढ़तियों का आरोप है कि पड़ोसी राज्य पंजाब से बड़ी संख्या में सब्जियों से लदे टेम्पो बिना रोक-टोक इलाके में आ रहे हैं. बाहरी व्यापारी और फेरीवाले स्थानीय मंडियों को दरकिनार कर सीधे उपभोक्ताओं को सब्जियां बेच रहे हैं. इससे स्थानीय मंडियों में सब्जियों की मांग और कीमतें तेजी से गिर गई हैं, जिसका सीधा असर किसानों की आजीविका और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.

कांगड़ा के निचले इलाकों में फूलगोभी, पत्ता गोभी, मूली, शलगम, पालक और धनिया  जैसी मौसमी सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है. पहले किसान इन फसलों को स्थानीय थोक मंडियों में बेचकर अच्छा दाम पा लेते थे, लेकिन अब उन्हें औने-पौने दामों पर सब्जियां बेचनी पड़ रही हैं. पंजाब से नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली सीमा क्षेत्रों के रास्ते आने वाले फल और सब्जी लदे वाहनों की वजह से स्थानीय बाजारों में कीमतें गिर गई हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

थोक सब्जी मंडियों में काम करने वाले आढ़तियों का गंभीर आरोप

थोक सब्जी मंडियों में काम करने वाले आढ़तियों का आरोप है कि अगर वे खुद पंजाब से सब्जियां लाकर हिमाचल में बेचते हैं, तो अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर उनके वाहनों की जांच होती है और पूरा टैक्स वसूला जाता है. वहीं दूसरी ओर, बाहर के राज्यों से आने वाले कई वाहन बिना जांच के ही इलाके में घुस जाते हैं और उन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता. आढ़तियों का कहना है कि इस वजह से बाहरी व्यापारी टैक्स नियमों का उल्लंघन करते हुए सीधे उपभोक्ताओं को सब्जियां  बेच रहे हैं. इससे न केवल स्थानीय मंडियों में मांग तेजी से गिर रही है, बल्कि राज्य के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है.

तुरंत कार्रवाई करने की उठी  मांग

नूरपुर के जस्सूर सब्जी मंडी में कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गुलेरिया ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे और दूसरे राज्यों के विक्रेताओं को सीधे बिक्री से रोके, ताकि आढ़तियों की अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके. कुल मिलाकर, दूसरे राज्यों से बिना नियंत्रण सब्जियों और फलों के आने से स्थानीय किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. यदि निगरानी व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर सब्जी उत्पादन और किसानों की आजीविका पर पड़ेगा.

 

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