मनरेगा में घोटाला : श्मशान घाट लैंड वर्क में दिखाकर मनरेगा का पैसा हड़पा, कई लाख गड़बड़ियां पकड़ी गईं
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो काम मनरेगा लिस्ट नहीं थे उन्हें भी गलत तरीके से दिखाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कई लाख गड़बड़ियां पकड़ी गईं. जब कार्रवाई के लिए केंद्र ने राज्य से कहा तो उन्होंने टाल दिया और वसूली भी नहीं की गई.
MGNREGA Scam Karnataka: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा योजना में कांग्रेस सरकार के दौरान भारी घोटाला किया गया है. उन्होंने कहा कि श्मशान घाट को लैंड वर्क में दिखाकर मनरेगा का पैसा हड़पा गया. जो काम मनरेगा में लिस्ट नहीं थे उन्हें भी गलत तरीके से दिखाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कई लाख गड़बड़ियां पकड़ी गईं. जब कार्रवाई के लिए कहा गया तो उन्होंने टाल दिया और वसूली की कार्रवाई भी नहीं की गई. उन्होंने विकसित भारत जीरामजी योजना के फायदे और किए गए बदलावों की जानकारी भी दी. शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक सरकार पर तय मात्रा में मंजूरी के बाद किसानों की तूअर दाल और तोतापुरी आम नहीं खरीदने का आरोप लगाया.
कर्नाटक के कई जिलों में मनरेगा में घोटाला होने के आरोप
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक के बेंगलुरू में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस शासन काल में मनरेगा योजना में घोटाला होने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कर्नाटक के यादगीर और कलबुर्गी में मनरेगा योजना के तहत भारी गड़बड़ियां पाई गई हैं. उन्होंने कहा कि श्मशान घाट को लैंड वर्क में दिखाकर मनरेगा का पैसा हड़पा गया. उन्होंने एक तस्वीर दिखाई और बताया कि पुरुषों ने महिला बनकर मनरेगा का पैसा उठाया.
सोशल ऑडिट में एक लाख से ज्यादा गड़बड़ियां मिलने का दावा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सोशल ऑडिट कराया गया तो जो काम मनरेगा में लिस्ट नहीं थे उन्हें भी गलत तरीके से दिखाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया. ऑडिट में 1 लाख से ज्यादा गड़बड़ियां पाई गईं. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सीएजी की रिपोर्ट बताती है कि 1.33 लाख से ज्यादा गड़बड़ियां पकड़ी गईं. जब कार्रवाई के लिए कहा गया तो उन्होंने टाल दिया और 107 करोड़ से अधिक राशि की वसूली जानबूझकर नहीं की गई. उन्होंने कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना लाने से कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल खत्म हो रहा है, इसलिए क्रांग्रेस फड़फड़ा रही है.
बाउंड्री वॉल को टॉयलेट बताकर पैसा हड़पा गया
शिवराज सिंह ने कहा कि मैं कलबुर्गी का उदाहरण देना चाहता हूं कि कैसे मनरेगा में खुलेआम लूट मचाई गई. जहां इंसानों की जगह मशीनों से काम हुआ, फर्जी रिकॉर्ड बनाए गए और बिना काम किए भुगतान कर दिया गया. बनी हुई बाउंड्री वॉल को टॉयलेट बता दिया गया, तालाब की खुदाई को रेन वाटर हार्वेस्टिंग दिखा दिया, एक ही काम को टुकड़ों में बाँटकर बार-बार पैसा निकाला गया. ये सब मेरे मंत्रालय की जांच में सामने आई कांग्रेस की भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसालें हैं.
केंद्रीय मंत्री का दावा- कांग्रेस नेताओं ने खुद माना था भ्रष्ट्राचार
कांग्रेस के ही नेताओं ने मनरेगा की कमजोरियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था. 2012 में जयराम रमेश जी ने कहा था कि “क्या मनरेगा में केवल मिट्टी उठाने-डालने का ही काम होगा? फरवरी 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने माना कि “मनरेगा में भ्रष्टाचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जी ने भी कहा था कि “फर्जी जॉब कार्ड बन रहे हैं.
विकसित भारत जीरामजी योजना से गांव के लोग गांव काम तय करेंगे
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना के फायदे और किए गए बदलावों की जानकारी भी दी. उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के पास सभी अधिकार होंगे. गांव के काम गांव के लोग तय करेंगे. अब राज्य या केंद्र सरकार विकसित भारत जीरामजी योजना के कार्यों को तय नहीं करेगी. उन्होंने बताया कि योजना के तहत बजट को बढ़ाया गया है, ताकि ज्यादा काम किया जा सके. पिछड़ी पंचायतों को आगे लाने का काम किया गया है. महिलाओं गरीबों को काम देने में प्राथमिकता दी जाएगी.
फसल बुवाई कटाई के वक्त मजदूरों की व्यवस्था करेगी सरकार
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई विकसित भारत जीरामजी योजना में मजदूरों को 195 दिन काम देने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि जब कृषि कार्य तेज होते हैं यानी बुवाई और कटाई का समय होता है तब उस दौरान 60 दिनों का काम राज्य सरकार देना तय करेगी. क्योंकि, उस वक्त किसान, मजदूर खेतीबाड़ी में लगे होंगे. और खेती के लिए भी मजदूर आसानी से मिल सकें, साथ ही साथ कृषि उत्पादन बेहतर बनाए रखा जाना चाहिए.
फसलें खरीदने की मंजूरी के बाद भी राज्य ने किसानों की उपज नहीं खरीदी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले साल तूअर का बंपर उत्पादन हुआ. केंद्र ने कर्नाटक को 3 लाख मीट्रिक टन तूअर खरीद की स्वीकृति दी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने 2 लाख टन ही तूअर की दाल खरीदी. इसी तरह किसानों के तोतापुरी आम की भी इनकी सरकार ने खरीद नहीं की. केंद्र के आदेशों के बावजूद केवल 1.37 लाख मीट्रिक टन ही आम खरीदा, जबकि ज्यादा खरीद की मंजूरी दी गई थी.
उन्होंने कहा कि लाल चना खरीदने का पत्र कर्नाटक सरकार से मिला है तो हमने आज ही अनुमति दी है. कर्नाटक सरकार घटिया काम न करे, जो खरीद की अनुमित दी गई है वह खरीद की जाए.