आंधी-बारिश से नुकसान हुआ तो चिंता नहीं… सरकार प्रति हेक्टेयर दे रही 22500 रुपये, जल्दी करें आवेदन

बिहार में फसल नुकसान झेल रहे किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. प्रभावित किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यह सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 21 Apr, 2026 | 03:10 PM

Bihar Farmers: बिहार सरकार ने रबी 2025-26 के दौरान मार्च 2026 में आए आंधी-तूफान, असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है. राज्य के 13 जिलों के 88 प्रखंडों और 1484 पंचायतों में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को अब कृषि इनपुट अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसकी अंतिम तिथि 05 मई 2026 तय की गई है.

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

बिहार कृषि विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ उन सभी किसानों को मिलेगा  जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण खराब हुई है. इसमें पंजीकृत रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसान शामिल हैं. यह योजना केवल किसान परिवार के लिए मान्य है, जिसमें पति, पत्नी और अव्यस्क बच्चे शामिल होंगे. आवेदन करते समय परिवार का पूरा विवरण आधार सत्यापन के साथ देना अनिवार्य होगा. अगर जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो आवेदन रद्द किया जा सकता है.

कितनी मिलेगी अनुदान राशि

सरकार ने फसल के प्रकार और सिंचाई  की स्थिति के आधार पर अनुदान की दर तय की है. वर्षाश्रित (असिंचित) फसल के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित फसल के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और शाश्वत या बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. हालांकि यह अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर तक ही मिलेगा. न्यूनतम राशि की बात करें तो असिंचित के लिए 1,000 रुपये, सिंचित के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए 2,500 रुपये तय की गई है.

फसल का प्रकार अनुदान राशि न्यूनतम राशि
असिंचित (वर्षाश्रित) 8,500 रुपये 1,000 रुपये
 सिंचित फसल 17,000 रुपये 2,000 रुपये
बहुवर्षीय (गन्ना सहित अन्य फसलें) 22,500 रुपये 2,500 रुपये

अधिकतम सीमा:- 2 हेक्टेयर तक

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

रैयत किसानों  को आवेदन के लिए वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 का LPC या लगान रसीद देना होगा. वहीं गैर-रैयत किसानों को स्वघोषणा प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जिसे वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच और कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित किया जाना जरूरी है. इस प्रमाण पत्र का प्रारूप DBT पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है.

श्रेणी विवरण
योजना लागू क्षेत्र 13 जिले, 88 प्रखंड, 1484 पंचायत
 पात्र किसान रैयत और गैर-रैयत दोनों
 परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और अव्यस्क बच्चे
आवेदन की अंतिम तिथि 05 मई 2026
 आवेदन तरीका DBT पोर्टल (ऑनलाइन)

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन और जानें प्रभावित जिले

किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार की वेबसाइट या DBT इन एग्रीकल्चर पोर्टल  पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए 13 अंकों की पंजीकरण संख्या का उपयोग करना होगा. प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों की पूरी सूची भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध है. इस योजना के तहत जिन जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं, उनमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर शामिल हैं. ऐसे में बिहार सरकार का यह कदम प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. समय पर आवेदन कर किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं.

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Published: 21 Apr, 2026 | 03:08 PM
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