उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के खेतों में बिजली के पोल लगाने पर नई मुआवजा नीति को मंजूरी दी है. इसके तहत अब किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. पहले कृषि भूमि पर पोल लगाए जाने पर किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिलता था. अब मुआवजा देने के लिए ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है. नई नीति के तहत टॉवर लगाने की जगह का दोगुना मुआवजा मिलेगा. बता दें किसानों के खेत में बिजली के बड़े पोल लगने से फसल बुवाई प्रभावित होती है और काफी हिस्सों में खेती नहीं हो पाती है. ऐसे में सरकार की नई मुआवजा नीति को मंजूरी मिलने से किसानों को राहत मिलेगी.
यूपी कैबिनेट बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगी
उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में आज सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सीएम आवास पर हुई है. बैठक में 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इसमें ऊर्जा मंत्रालय के तीन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है.
कृषि भूमि पर हाईटेंशन लाइनों के लिए नई नीति को मंजूरी
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय के तीन प्रस्ताव पास हुए हैं. हाईटेंशन लाइनों के बड़े-बड़े टॉवर से किसानों की भूमि प्रभावित होती है, उसके मुआवजे के लिए नई नीति बनाई गई है. इसके तहत किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले कोई मुआवजा नहीं मिलता था. 2018 में पहली बार नीति बनाई गई थी.
टॉवर लगाने पर दोगुना मुआवजा मिलेगा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई नीति के तहत खेतों में लगाए जाने वाले टावर के नीचे की पूरी जमीन कृषि कार्य के लायक नहीं होती है और टॉवर के लिए लिए इस्तेमाल होने वाली एक मीटर की जमीन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा. जबकि तार खींचने की जगह का 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा.
35 करोड़ फलदार पौधों की रोपाई होगी
राज्य सरकार इस बार 35 करोड़ पौधारोपण करेगी. 147 करोड़ रुपए का बजट होगा. 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जाएंगे. एक जनपद एक व्यंजन योजना शुरू की जाएगी. जिसके लिए गुणवत्ता और पैकेजिंग बेहतर की जाएगी. एक व्यंजन महासम्मेलन कराया जाएगा. इसमें खाद्य क्षेत्र की तकनीक लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा.
इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
- रिनिवेबल एनर्जी के लिए जालौन में 500 मेगा वाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा. यूपी उत्पादन लिमिटेड और कोल इंडिया मिलकर इसको विकसित करेंगे. शुरुआती लगात 10 करोड़ होगी.
- संत कबीर टेक्सटाइल्स एंड अपेरल पार्क का नए प्रस्ताव के तहत चार कताई मिल विकसित की जाएंगी.
- उत्तर प्रदेश की ट्रांसफर पॉलिसी इस बार 31 मई तक लागू रहेगी. प्रदेश में कल से तबादले शुरू होंगे जो कि 31 में तक होंगे.