कमजोर मॉनसून की आशंका पर योगी सरकार अलर्ट, खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज से लेकर चारे का पूरा इंतजाम

Kharif Season 2026: खरीफ सीजन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर बीज, खाद, सिंचाई, बिजली और फसल लोन की सुविधा मिले. कम बारिश या सूखे की स्थिति से निपटने के लिए विशेष योजना भी तैयार की गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 24 Jun, 2026 | 02:54 PM

UP Kharif 2026 Preparation: उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं. मौसम की अनिश्चितता और कम बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि से जुड़े सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ निर्देश दिए हैं कि, किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. बीज, खाद, सिंचाई, बिजली और फसल लोन जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी.

खरीफ 2026 के लिए रखा गया बड़ा लक्ष्य

सरकार ने खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य तय किया है. यह पिछले साल के 106.60 लाख हेक्टेयर से अधिक है. इसके साथ ही इस सीजन में कुल 302.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. धान उत्पादन के लिए भी बड़ा लक्ष्य तय किया गया है और 224.25 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का अनुमान लगाया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है. वहीं 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की नर्सरी भी तैयार की जा चुकी है. इससे साफ है कि किसान खरीफ सीजन की शुरुआत कर चुके हैं.

कम बारिश की स्थिति के लिए तैयार है सरकार

मौसम विभाग की रिपोर्टों को देखते हुए सरकार ने सूखे या कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए विशेष आकस्मिक योजना (Special Contingency Plan) तैयार की है. अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो किसानों को कम समय में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

इसके तहत उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और तिल जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने की योजना बनाई गई है. सरकार का मानना है कि ऐसी फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकती हैं और किसानों की आय को सुरक्षित रखने में मदद करेंगी.

फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड पर जोर

सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रह सकें. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ज्यादा किसानों को सस्ता कृषि लोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. किसानों तक मौसम और खेती से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए रेडियो, टीवी और मोबाइल संदेश सेवाओं का भी उपयोग किया जा रहा है. इससे किसानों को समय रहते जरूरी सलाह मिल सकेगी.

खाद और बीज की उपलब्धता पर रहेगी नजर

खरीफ सीजन के लिए सरकार ने 2.29 लाख क्विंटल अनुदानित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है. अब तक 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज किसानों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खाद की आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. अगर कहीं कमी पैदा करने या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सिंचाई और पेयजल को दी गई प्राथमिकता

सरकार ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया है कि, नहरों का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे. जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा कम है, वहां खास योजना बनाकर किसानों को राहत देने की तैयारी की जा रही है. उद्यान विभाग की ओर से 125 हाईटेक नर्सरियों में 15 करोड़ सब्जियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर हैंडपंपों की मरम्मत, तालाबों के संरक्षण और पेयजल स्रोतों को बचाने का काम भी तेज किया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि, पानी के उपयोग में सबसे पहली प्राथमिकता पेयजल को दी जाएगी.

पशुपालकों के लिए भी राहत की तैयारी

पशुपालन विभाग ने भी सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली है. प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं. इनके लिए 131.40 लाख क्विंटल भूसा संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक 136.01 लाख क्विंटल भूसा इकट्ठा किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है. मुख्यमंत्री ने मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के जरिए पशुओं को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं और नियमित टीकाकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं.

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