Fertilizer Consumption: हरियाणा में बढ़ा यूरिया और DAP का इस्तेमाल, 4 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा

हरियाणा में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और DAP की खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 1 अप्रैल से 10 जून के बीच यूरिया की खपत 56 हजार मीट्रिक टन बढ़ी, जबकि DAP की मांग भी बढ़ी है. वहीं, यमुनानगर में प्लाईवुड उद्योगों द्वारा सब्सिडी वाले यूरिया के संभावित दुरुपयोग को लेकर सरकार ने निगरानी और जांच तेज कर दी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 17 Jun, 2026 | 04:00 PM

Urea and DAP Consumption: हरियाणा में इस खरीफ सीजन के दौरान किसानों ने पिछले साल की तुलना में अधिक यूरिया और DAP का इस्तेमाल किया है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 10 जून 2026 के बीच राज्य में 3.56 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई, जबकि इसी अवधि में पिछले साल यह 3.00 लाख मीट्रिक टन थी. यानी इस बार यूरिया की खपत करीब 56 हजार मीट्रिक टन अधिक रही. वहीं, DAP खाद की खपत भी बढ़ी है. पिछले साल 1 अप्रैल से 10 जून के बीच 48,673 मीट्रिक टन DAP का उपयोग हुआ था, जो इस साल बढ़कर 54,485 मीट्रिक टन पहुंच गया. यानी इस सीज में अभी तक कुल 4,10,485 मीट्रिक टन उर्वरक का इस्तेमाल हो चुका है.

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा  दे रही है और किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की अपील कर रही है. इसके बावजूद खेतों में यूरिया और DAP की मांग लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.

अधिक यूरिया और DAP का इस्तेमाल

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में इस खरीफ सीजन के दौरान किसानों ने पिछले साल की तुलना में अधिक यूरिया और DAP का इस्तेमाल  किया है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 10 जून 2026 के बीच राज्य में 3.56 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई, जबकि इसी अवधि में पिछले साल यह 3.00 लाख मीट्रिक टन थी. यानी इस बार यूरिया की खपत करीब 56 हजार मीट्रिक टन अधिक रही.

DAP खाद की खपत भी बढ़ी

वहीं, DAP खाद की खपत भी बढ़ी है. पिछले साल 1 अप्रैल से 10 जून के बीच 48,673 मीट्रिक टन DAP का उपयोग हुआ था, जो इस साल बढ़कर 54,485 मीट्रिक टन पहुंच गया. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की अपील कर रही है. इसके बावजूद खेतों में यूरिया और DAP की मांग लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.

करनाल जिले में सबसे अधिक यूरिया की खपत

हरियाणा में खरीफ सीजन के दौरान सबसे ज्यादा यूरिया की खपत करनाल जिले में दर्ज की गई है. 1 अप्रैल से 10 जून के बीच यहां किसानों ने 42,252 मीट्रिक टन यूरिया का इस्तेमाल किया. इसके बाद सिरसा में 35,196 मीट्रिक टन और फतेहाबाद में 34,519 मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई. यूरिया के उपयोग में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हिसार जिले में देखी गई. यहां पिछले साल इसी अवधि में 13,473 मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी, जो इस साल बढ़कर 20,601 मीट्रिक टन पहुंच गई. हालांकि, NPK उर्वरकों का उपयोग घटा है. पिछले साल 18,026 मीट्रिक टन NPK की खपत हुई थी, जो इस साल घटकर 8,481 मीट्रिक टन रह गई.

प्लाईवुड उद्योगों में सब्सिडी वाले यूरिया के इस्तेमाल की आशंका

यूरिया के संभावित दुरुपयोग ने सरकारी की चिंता बढ़ा दी है. खासकर यमुनानगर जिले में कुछ प्लाईवुड उद्योगों द्वारा सब्सिडी वाले यूरिया के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है. किसानों को यूरिया रियायती दरों पर मिलता है, लेकिन कुछ उद्योगों तक यह बिचौलियों और एजेंसियों के माध्यम से पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं. इसको देखते हुए सरकार ने हाल ही में यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया है. यमुनानगर जिले में करीब 250 प्लाईवुड उद्योग होने के कारण यहां निगरानी बढ़ाई गई है. 8 सर्चेवल कीवर्ड और 60 शब्दों में excerpt लिखो

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Published: 17 Jun, 2026 | 03:58 PM

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