Fertiliser Supply India: हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और गैस संकट की खबरों ने कृषि क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी थी. कई किसान और उद्योग विशेषज्ञ सोच रहे थे कि इस संकट का असर भारत में उर्वरक उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ सकता है. हालांकि, IFFCO (Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited) की औनला यूनिट के सीनियर जनरल मैनेजर सत्यजीत प्रधान ने स्पष्ट किया है कि भारतीय उर्वरक सेक्टर फिलहाल इस संकट से प्रभावित नहीं हुआ है.
सरकार की पहल से उर्वरक आपूर्ति सुरक्षित
सत्यजीत प्रधान ने कहा कि पश्चिम एशिया में गैस संकट होने के बावजूद भारत में उर्वरक उद्योग सामान्य रूप से काम कर रहा है. सरकार ने उर्वरक बनाने के लिए जरूरी गैस की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है. इसलिए उत्पादन के साथ-साथ उर्वरक की डिलीवरी और बिक्री भी बिना किसी रुकावट के चल रही है.
प्रधान ने बताया कि IFFCO सभी किसानों तक उर्वरक समय पर पहुंचा रही है. देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी. इसका मतलब है कि कोई भी किसान उर्वरक की कमी के कारण अपनी फसल की देखभाल में पीछे नहीं रहेगा.
#WATCH | Bareilly, UP: On impact of West Asia conflict on fertiliser sector, Senior General Manager, IFFCO (Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited), Aonla Unit, Satyajit Pradhan says, “Regarding the ongoing gas crisis in West Asia, we in the fertiliser sector are not… pic.twitter.com/vDN5NqLMjh
— ANI (@ANI) March 28, 2026
उत्पादन और वितरण दोनों सामान्य
उर्वरक सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता गैस की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता में बाधा थी. सत्यजीत प्रधान ने साफ किया कि IFFCO की औनला यूनिट उत्पादन और विपणन दोनों मोर्चों पर सामान्य रूप से काम कर रही है. देश में मौजूद स्टॉक और उत्पादन क्षमता के कारण किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इस स्थिति का सीधा फायदा किसानों को होगा. समय पर उर्वरक मिलने से खेती पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा और उत्पादन में स्थिरता बनी रहेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यवस्था भारतीय कृषि के लिए राहत की खबर है, क्योंकि किसानों की फसल का स्वास्थ्य और उत्पादन सीधे उर्वरक की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
संकट के बावजूद स्थिरता का संदेश
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यह साफ हो गया है कि भारतीय उर्वरक सेक्टर ने संकट के असर को कम से कम रखा है. सत्यजीत प्रधान के अनुसार, पर्याप्त स्टॉक और सरकार के सहयोग से उत्पादन और वितरण दोनों ही सामान्य बनाए रखे जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि भारतीय किसान इस वैश्विक संकट का असर अपनी फसलों पर महसूस नहीं करेंगे. यह स्थिति किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है. समय पर उर्वरक की उपलब्धता से न केवल फसल की देखभाल बेहतर होगी, बल्कि उत्पादन में स्थिरता और गुणवत्ता भी बनी रहेगी.
पश्चिम एशिया में जारी गैस संकट ने कृषि क्षेत्र में शुरुआती चिंता पैदा की थी, लेकिन IFFCO और सरकार की योजनाओं ने इसे नियंत्रित कर दिया है. सत्यजीत प्रधान के अनुसार, उत्पादन और वितरण दोनों सामान्य हैं, और किसानों को उर्वरक की कमी या किसी अन्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.