कैलारस चीनी मिल चालू कराने के लिए 16 को खुलेंगे निवेश प्रस्ताव, 1250 टन गन्ना पेराई रोज हो सकेगी

Kailaras Sugar Mill Morena : कैलारस चीनी मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसके लिए एमएसएमई विभाग ने इच्छुक कंपनियों और निवेशकों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की गई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 6 Sep, 2026 | 08:44 PM

कई सालों से बंद पड़ी मध्य प्रदेश के मुरैना की कैलारस चीनी मिल को फिर से चालू कराने की कोशिशों में तेजी आई है. मिल कीमती जमीन को कौड़ियों के भाव बेचे जाने बढ़े विवाद के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए चीनी मिल को फिर से शुरू कराने का ऐलान किया है. इसके तहत मिल फिर से चलाने के लिए इच्छुक निवेशकों से 15 सितंबर तक निवेश प्रस्ताव मांगे गए हैं.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते शुक्रवार को मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में कैलारस शुगर फैक्ट्री को फिर से प्रारंभ कराने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. इसके साथ ही कैलारस चीनी मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसके लिए एमएसएमई विभाग ने इच्छुक कंपनियों और निवेशकों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है. सरकार का मानना है कि मिल के दोबारा संचालन से कैलारस और आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी. इसके साथ ही रोजगार के अवसर पैदा होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है.

15 सितंबर तक जमा होंगे ऑनलाइन प्रस्ताव

एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार की ओर से जारी बयान के मुताबिक कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने के लिए 15 सितंबर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन प्रस्ताव जमा किए जा सकते हैं. प्राप्त प्रस्तावों को अगले दिन 16 सितंबर को शाम 5 बजे खोला जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया की पृष्ठभूमि में 19 अगस्त 2025 को हुई कैबिनेट बैठक का फैसला है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कैलारस चीनी मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था.

30 साल के लिए लीज पर दी जाएगी चीनी मिल

MSME विभाग के मुताबिक मुरैना स्थिति कैलारस शुगर मिल के लिए लीज अवधि 30 वर्ष रखी गई है. संतोषजनक कामकाज और निर्धारित शर्तों के आधार पर लीज की अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है. शुगर और इससे जुड़े बायो प्रोडक्ट बनाने की क्षमता रखने वाली कंपनियां इस प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. बयान में कहा गया है कि सरकार का उद्देश्य मिल का पुनरुद्धार कर क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है.

रोजाना 1250 टन गन्ने की होगी पेराई

कैलारस चीनी मिल की लोकेशन भी कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण है. यह मिल NH-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है. मिल की गन्ना पेराई क्षमता करीब 1250 टन प्रतिदिन है. इसके परिसर में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट एवं मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन शामिल है. सरकार की कोशिश है कि उपयुक्त कंपनी के जरिए मिल को दोबारा संचालन में लाया जाए, जिससे इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिले.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 6 Sep, 2026 | 08:18 PM

लेटेस्ट न्यूज़