Odisha Paddy Procurement: ओडिशा सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के तहत रबी धान खरीद की अवधि बढ़ा दी है. पहले यह खरीद प्रक्रिया 30 जून को समाप्त होने वाली थी, लेकिन अब किसानों को अपनी उपज सरकारी मंडियों में बेचने के लिए 3 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया है. यह फैसला खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग द्वारा जारी एक आदेश के माध्यम से लिया गया है. विभाग के अतिरिक्त सचिव सुदाम चरण मंडल ने कोरापुट समेत 20 जिलों के कलेक्टरों को संशोधित समयसीमा तक धान खरीद जारी रखने के निर्देश दिए हैं.
सरकार ने जिला प्रशासन को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वैध टोकन रखने वाले किसानों द्वारा मंडियों में लाया गया पूरा धान 3 जुलाई तक खरीद लिया जाए. इस फैसले से उन किसानों को फायदा होगा, जो अब तक अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं बेच पाए थे. सरकार ने अधिकारियों को धान खरीद प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने और इसे सुचारु, व्यवस्थित तथा किसानों के लिए परेशानी मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बढ़ाई गई अवधि के दौरान कोई भी पात्र किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे.
कोरापुट के मुख्य नागरिक आपूर्ति अधिकारी मानस रंजन महापात्र ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि वैध खरीद टोकन रखने वाले सभी पात्र किसान 3 जुलाई की नई समयसीमा तक अपना धान बेच सकें. इसके लिए सभी खरीद एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि मंडियों में धान खरीद का काम बिना किसी बाधा के जारी रह सके.
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18,270 किसानों ने पंजीकरण कराया
खरीद अवधि बढ़ाने के फैसले से कोरापुट जिले के उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो परिवहन और अन्य व्यवस्थागत कारणों से पहले निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना धान नहीं बेच पाए थे. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में रबी धान खरीद के लिए 18,270 किसानों ने पंजीकरण कराया था. इनमें से अब तक 16,972 किसान मंडियों में अपनी उपज बेच चुके हैं. अब तक 13 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है. अधिकारियों का मानना है कि 3 जुलाई तक बढ़ाई गई नई समयसीमा से शेष पात्र किसानों को भी अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा और जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी.
किसान ने की आत्महत्या
बता दें कि बीते दिनों ओडिशा के नुआपाड़ा में जिले में धान खरीद व्यवस्था से परेशान होकर एक किसान ने जहर खाकर अपनी जान दे दी थी. इससे नाराज किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-353 को जाम कर दिया था. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा था. नाराज किसानों का कहना था कि मृतक के परिवार को सरकारी मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि उसने सिस्टम से परेशान होकर खुदकुशी की है.