आम, लीची और अमरूद किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, लखनऊ में बनेगा आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर

उत्तर प्रदेश के बागवानी किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर बनने से किसानों को रोगमुक्त और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे मिलेंगे. इससे फसलों में बीमारी कम होगी, पैदावार बढ़ेगी और भविष्य में बेहतर कीमत के साथ किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 27 Jun, 2026 | 04:59 PM

Lucknow Horticulture: उत्तर प्रदेश के किसानों, खासकर बागवानी करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर (Clean Plant Centre) बनाने की घोषणा की है. इस केंद्र के बनने से किसानों को रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे मिलेंगे. इससे फलों की पैदावार बढ़ेगी, पौधों में बीमारी कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

क्या है क्लीन प्लांट सेंटर और कैसे करेगा काम?

क्लीन प्लांट सेंटर एक आधुनिक वैज्ञानिक संस्थान होता है, जहां टिश्यू कल्चर और दूसरी नई तकनीकों की मदद से रोगमुक्त पौधे तैयार  किए जाते हैं. इन पौधों को वायरस, बैक्टीरिया, फफूंद और अन्य हानिकारक रोगों से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाता है. ऐसे पौधे सामान्य पौधों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ होते हैं, तेजी से बढ़ते हैं और बेहतर उत्पादन देते हैं. इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले और प्रमाणित पौधे उपलब्ध कराना है, ताकि बागवानी की खेती में नुकसान कम हो और उत्पादन बढ़ सके.

किसानों को क्या-क्या मिलेगा फायदा?

क्लीन प्लांट सेंटर से किसानों को कई बड़े लाभ मिलेंगे. सबसे पहले उन्हें रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे मिलेंगे, जिससे बागों में बीमारी  फैलने का खतरा कम होगा. पौधों की जीवित रहने की क्षमता बढ़ेगी और फल का आकार, रंग तथा स्वाद पहले से बेहतर होगा. प्रति पौधा उत्पादन भी अधिक मिलेगा. अच्छी गुणवत्ता के कारण किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहेगी. साथ ही बाग लंबे समय तक अच्छी पैदावार देते रहेंगे, जिससे किसानों की कमाई लगातार बढ़ सकेगी.

आम, अमरूद, लीची और एवाकाडो पर रहेगा खास फोकस

लखनऊ स्थित सीआईएसएच (केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान) में बनने वाले इस केंद्र में मुख्य रूप से आम, अमरूद, लीची और एवाकाडो की बेहतर किस्मों पर काम किया जाएगा. इसके अलावा मौसम के अनुसार नई और अधिक उत्पादन  देने वाली किस्में भी विकसित की जाएंगी. कई किसानों के पुराने बाग समय के साथ कम उत्पादन देने लगते हैं. ऐसे बागों के जीर्णोद्धार (Rejuvenation) पर भी इस केंद्र के माध्यम से विशेष काम किया जाएगा, ताकि पुराने बाग फिर से अच्छी पैदावार दे सकें.

निर्यात, भंडारण और प्रोसेसिंग पर भी होगा जोर

सरकार उत्तर प्रदेश के फलों के निर्यात  को बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है. राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा विकसित किए जा रहे निर्यात क्लस्टर में उत्तर प्रदेश को शामिल किया गया है. इसके तहत आधुनिक रेडिएशन सुविधा, इंटीग्रेटेड पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, बेहतर पैकिंग, ग्रेडिंग और कोल्ड चेन नेटवर्क विकसित किए जाएंगे. साथ ही जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की लॉजिस्टिक सुविधाओं का उपयोग कर फलों को तेजी से विदेश भेजने की योजना है.

फल उत्पादकों  को भंडारण की कमी के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट, पैकिंग और वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा. लखनऊ दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की. बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास का रोडमैप, आधुनिक खेती, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई.

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