खरीफ सीजन के लिए 15 मई से नहरों में छोड़ा जाएगा पानी, CM ने जिला कलेक्टरों को दिए खास निर्देश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों से कहा कि 1 अप्रैल से 90 दिनों का विशेष कार्यक्रम चलाकर जल संरक्षण  पर काम किया जाए. इसके तहत सभी जल स्रोतों में गाद निकालने (डिसिल्टिंग) और पानी बचाने से जुड़े कार्य किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जलाशयों में इस समय 614 टीएमसी पानी उपलब्ध है.

नोएडा | Published: 15 Mar, 2026 | 08:20 AM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों को किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर नाम से एक डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा, जो किसानों को AI आधारित एग्रीटेक सेवाएं भी देगी. उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए 15 मई से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा और उगादी के मौके पर 2.5 लाख घरों के लिए गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा दिव्यांग लोगों के लिए ‘इंद्र धनास्सु’ नाम से मुफ्त बस यात्रा सुविधा शुरू की जाएगी. मुख्यमंत्री ने जल सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई और कहा कि राज्य में भूजल स्तर बढ़कर औसतन 8.10 मीटर हो गया है, जो सकारात्मक संकेत है.

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला कलेक्टरों से कहा कि 1 अप्रैल से 90 दिनों का विशेष कार्यक्रम चलाकर जल संरक्षण  पर काम किया जाए. इसके तहत सभी जल स्रोतों में गाद निकालने (डिसिल्टिंग) और पानी बचाने से जुड़े कार्य किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जलाशयों में इस समय 614 टीएमसी पानी उपलब्ध है. भूजल स्तर बढ़ने से सरकार को बिजली सब्सिडी में करीब 14,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है. साथ ही वेलिगोंडा परियोजना को जुलाई तक और पोलावरम परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

1.12 लाख महिलाएं माइक्रो उद्यमी बन चुकी हैं

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2027 तक आंध्र प्रदेश को भूमि विवाद-मुक्त राज्य बनाया जाएगा. इसके लिए हर महीने की 9 तारीख को सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि जमीन से जुड़े विवादों का समाधान किया जा सके. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ‘वन फैमिली-वन एंटरप्रेन्योर’ योजना के तहत अब तक लगभग 1.12 लाख महिलाएं माइक्रो उद्यमी बन चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 5 लाख महिला उद्यमी  बनाने का है.

कलेक्टर हर महीने 8 दिन और सचिव 4 दिन फील्ड विजिट करें

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं होगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने श्रीकाकुलम में डायरिया के मामले, राजमुंदरी में मिलावटी दूध से हुई मौतें और वेतलापलेम में पटाखा फैक्ट्री हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कलेक्टर हर महीने 8 दिन और सचिव 4 दिन फील्ड विजिट करें, ताकि जमीनी स्तर की स्थिति की सही निगरानी की जा सके.

दो वर्षों में हर घर तक नल का पानी पहुंचाने का लक्ष्य

एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि अगले दो वर्षों में हर घर तक नल का पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही तीन साल के भीतर फाइबरग्रिड के जरिए हर घर में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है. उन्होंने जिला कलेक्टरों  से कहा कि बेहतर परिणाम पाने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिक इस्तेमाल करें, क्योंकि यह एक बड़ा बदलाव लाने वाला साधन है. मुख्यमंत्री ने लोगों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की जरूरत भी बताई, ताकि व्हाट्सएप गवर्नेंस का प्रभावी उपयोग हो सके. इसके अलावा उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर लागू करने पर खास ध्यान दें.

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