तरबूज-खरबूजे की फसल में तेजी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी! समय रहते नहीं संभले तो होगा भारी नुकसान

Wilt Disease In Watermelon: गर्मी के मौसम में खरबूजा और तरबूज की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है. कई इलाकों में फ्यूजेरियम विल्ट नाम की खतरनाक बीमारी तेजी से फैल रही है, जो देखते ही देखते पूरी फसल को बर्बाद कर सकती है. पौधों का पीला पड़ना, सूखना और बेलों का खत्म होना इस रोग के मुख्य संकेत हैं. ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों को समय रहते बचाव के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि मेहनत और लागत दोनों को नुकसान से बचाया जा सके.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 7 May, 2026 | 10:30 PM
1 / 6इन दिनों ताइवानी खरबूजा और तरबूज की फसलों में तेजी से फ्यूजेरियम विल्ट रोग फैल रहा है, जिससे पौधों का जाइलम हिस्सा प्रभावित होकर पत्तियां पहले पीली पड़ती हैं और बाद में पूरा पौधा सूख जाता है.

इन दिनों ताइवानी खरबूजा और तरबूज की फसलों में तेजी से फ्यूजेरियम विल्ट रोग फैल रहा है, जिससे पौधों का जाइलम हिस्सा प्रभावित होकर पत्तियां पहले पीली पड़ती हैं और बाद में पूरा पौधा सूख जाता है.

2 / 6कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बुवाई से पहले बीज की जांच जरूर करें. इसके लिए 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलो बीज की दर से उपचार करना फायदेमंद माना गया है.

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बुवाई से पहले बीज की जांच जरूर करें. इसके लिए 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलो बीज की दर से उपचार करना फायदेमंद माना गया है.

3 / 6खेत की मिट्टी को रोगमुक्त रखने के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग ढाई किलो ट्राइकोडर्मा का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे फंगस जनित रोगों का खतरा कम हो सके.

खेत की मिट्टी को रोगमुक्त रखने के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग ढाई किलो ट्राइकोडर्मा का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिससे फंगस जनित रोगों का खतरा कम हो सके.

4 / 6अगर फसल में रोग के लक्षण दिखाई दें, तो 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा को एक लीटर पानी में घोलकर पौधों की जड़ों में ड्रेंचिंग करनी चाहिए, ताकि बीमारी का फैलाव रोका जा सके.

अगर फसल में रोग के लक्षण दिखाई दें, तो 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा को एक लीटर पानी में घोलकर पौधों की जड़ों में ड्रेंचिंग करनी चाहिए, ताकि बीमारी का फैलाव रोका जा सके.

5 / 6कृषि विभाग ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि रोगग्रस्त पौधों, बेलों और फलों को खेत में न छोड़ें. इन्हें जड़ समेत उखाड़कर नष्ट कर दें, क्योंकि ये अगली फसल के लिए भी रोग फैलाने का कारण बन सकते हैं.

कृषि विभाग ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि रोगग्रस्त पौधों, बेलों और फलों को खेत में न छोड़ें. इन्हें जड़ समेत उखाड़कर नष्ट कर दें, क्योंकि ये अगली फसल के लिए भी रोग फैलाने का कारण बन सकते हैं.

6 / 6अधिक सिंचाई से खेत में नमी बढ़ती है, जिससे फ्यूजेरियम विल्ट तेजी से फैलता है. इसलिए किसानों को जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करनी चाहिए और किसी भी समस्या पर कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सलाह लेनी चाहिए.

अधिक सिंचाई से खेत में नमी बढ़ती है, जिससे फ्यूजेरियम विल्ट तेजी से फैलता है. इसलिए किसानों को जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करनी चाहिए और किसी भी समस्या पर कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सलाह लेनी चाहिए.

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Published: 7 May, 2026 | 10:30 PM

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