Sariska Tiger Reserve: राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में अब वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को नई दिशा मिलने जा रही है. वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) की पशु कल्याण पहल TACO (The Animal Care Organization) ने राजस्थान सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पहल के तहत सरिस्का टाइगर रिजर्व में अग्निवेश अग्रवाल नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा. यह देश का अपनी तरह का पहला तकनीक आधारित केंद्र होगा, जहां लोगों को जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के बारे में आधुनिक और इंटरैक्टिव तरीके से जानकारी दी जाएगी.
सरिस्का में बनेगा तकनीक आधारित नेचर सेंटर
यह नया नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किया जाएगा. केंद्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर ऐसे अनुभव विकसित किए जाएंगे, जिनसे पर्यटक और छात्र वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर तरीके से समझ सकें. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना पैदा करना भी है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सेंटर भविष्य में पर्यावरण शिक्षा के बड़े माध्यम बन सकते हैं.
राजस्थान सरकार और वन विभाग की अहम भूमिका
इस समझौते को राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा की मौजूदगी में औपचारिक रूप दिया गया. इस दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे. सरकार का कहना है कि सरिस्का और रणथंभौर जैसे टाइगर रिजर्व केवल पर्यटन स्थल नहीं हैं, बल्कि देश की जैव विविधता के महत्वपूर्ण केंद्र हैं. ऐसे में आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के जरिए संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना जरूरी है. इसी पहल के तहत रणथंभौर टाइगर रिजर्व में निगरानी वाहनों को भी रवाना किया गया, ताकि वन्यजीव संरक्षण में लगे वनकर्मियों को बेहतर सहायता मिल सके और जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत हो.
प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने बताई पहल की खास वजह
प्रिया अग्रवाल हेब्बार, चेयरपर्सन, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड तथा नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, वेदांता लिमिटेड ने कहा कि संरक्षण का सबसे मजबूत आधार सह-अस्तित्व है, जो शिक्षा, समुदाय और साझा जिम्मेदारी पर आधारित होता है. उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए ऐसे अनुभव तैयार किए जाएंगे, जो लोगों को प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि इस सेंटर का नाम उनके दिवंगत भाई अग्निवेश अग्रवाल की स्मृति में रखा गया है, जिन्हें प्रकृति और वन्यजीवों से गहरा लगाव था.
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा को नई पहचान दे सकती है. TACO की यह पहल केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति से जोड़ना और संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है. ये परियोजना भविष्य में छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है. इसके साथ ही इससे स्थानीय समुदायों में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.