Tomato Price Hike: राजस्थान की राजधानी जयपुर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. लगातार बारिश के कारण प्रमुख सब्जी उत्पादक राज्यों में फसल की कटाई और परिवहन प्रभावित हुआ है, जिससे बाजार में सब्जियों की आवक कम हो गई है. इससे टमाटर के दाम में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है. जून में जहां टमाटर 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब इसकी खुदरा कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. व्यापारियों का कहना है कि जब तक बारिश का असर कम नहीं होता और सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक सब्जियों की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं.
जयपुर की सबसे बड़ी थोक सब्जी मंडी मुहाना मंडी के व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से सब्जियों की सप्लाई लगातार घट रही है. इसकी वजह से कई सब्जियों के थोक भाव बढ़ गए हैं और अब इसका असर खुदरा बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है. जयपुर की मुहाना मंडी के थोक टमाटर व्यापारी अब्दुल सगीर ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि जून में टमाटर 30-40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब इसकी खुदरा कीमत बढ़कर 80-100 रुपये प्रति किलो हो गई है. उन्होंने कहा कि अगर लगातार बारिश के कारण सब्जियों की सप्लाई प्रभावित रही, तो आने वाले दिनों में टमाटर के दाम और बढ़ सकते हैं.
बारिश के कारण फसलों की कटाई प्रभावित
वहीं, जयपुर फ्रूट एंड वेजिटेबल होलसेल ट्रेडर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष इमरान कुरैशी ने कहा कि लगातार मानसूनी बारिश के कारण फसलों की कटाई और परिवहन प्रभावित हुआ है. इसकी वजह से थोक मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. व्यापारियों के अनुसार, मुहाना मंडी में हाइब्रिड टमाटर 30-34 रुपये प्रति किलो और देसी टमाटर 23-25 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. लेकिन परिवहन खर्च, खराब होने का नुकसान और खुदरा विक्रेताओं के मुनाफे की वजह से अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर की कीमत खुदरा बाजार में 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.
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इन सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं
सिर्फ टमाटर ही नहीं, बल्कि प्याज, लहसुन, शिमला मिर्च और कई दूसरी सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं. हरी मटर सबसे महंगी बनी हुई है. इसकी थोक कीमत 120-125 रुपये प्रति किलो है, जबकि खुदरा बाजार में यह 204 से 213 रुपये प्रति किलो तक बिक सकती है. इसी तरह, शिमला मिर्च की थोक कीमत 65-75 रुपये प्रति किलो है और खुदरा बाजार में इसके 111 से 128 रुपये प्रति किलो तक बिकने की संभावना है. वहीं, लहसुन की गुणवत्ता के अनुसार इसकी कीमत 102 से 272 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. इसके अलावा फूलगोभी, ग्वार फली, नींबू, टिंडा, परवल, करेला और तोरई जैसी सब्जियां भी महंगी बनी हुई हैं. प्याज की खुदरा कीमत 31 से 51 रुपये प्रति किलो के बीच रहने का अनुमान है.
क्या कहते हैं स्थानीय व्यापारी
हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आवक बेहतर होने से आलू, लौकी, भिंडी और बैंगन की कीमतों में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है और इनके दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं.मुहाना आलू कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव शंकर शर्मा ने कहा कि सब्जियों की मौजूदा कमी मौसमी है और इसका मुख्य कारण मानसून के दौरान फसल की कटाई और परिवहन में आई बाधाएं हैं. उन्होंने बताया कि बारिश कम होने और नई फसल की आवक बढ़ने के बाद सब्जियों के दाम में नरमी आ सकती है.