PDS चावल बिक्री घोटाला! FCI के 5 अफसर निलंबित, कार्यकारी निदेशक पर भी गिरी गाज

पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के चावल की बिक्री में कथित गड़बड़ी के मामले में एफसीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. कार्यकारी निदेशक समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है. जांच में चावल की कथित हेराफेरी और सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं. मामले की विभागीय जांच जारी है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 11 Jul, 2026 | 02:21 PM

भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने चावल बिक्री में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. पूर्वोत्तर राज्यों के गरीबों के लिए तय चावल की बिक्री में अनियमितताओं के आरोप के बाद एफसीआई के कार्यकारी निदेशक (Executive Director) समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 6 जुलाई को एफसीआई के कार्यकारी निदेशक अशुतोष जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया. अशुतोष जोशी 1994 बैच के भारतीय ऑडिट एवं लेखा सेवा (IA&AS) के अधिकारी हैं और वर्ष 2023 से एफसीआई में कार्यरत थे. इसके अगले दिन एफसीआई ने मुख्यालय, नई दिल्ली के महाप्रबंधक अनुपम दुबे, उप महाप्रबंधक विकास कृष्णा, गुरुग्राम के सहायक महाप्रबंधक ब्रह्म प्रकाश समेत अन्य अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया. इन अधिकारियों पर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के तहत भेजे जाने वाले चावल की बिक्री में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं में भूमिका होने का आरोप है. मामले की जांच जारी है और एफसीआई की ओर से अभी इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.

तीन अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी

एफसीआई के प्रबंध निदेशक (MD) रवींद्र कुमार अग्रवाल ने जिन तीन अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं, उनमें कहा गया है कि उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी. यह कार्रवाई एक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है. वहीं, कहा जा रहा है कि समिति की जांच में खुलासा हुआ कि एफसीआई के दिल्ली क्षेत्र से ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू) के तहत नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल एग्रीकल्चरल मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (NERAMAC) को बेचे गए चावल में कथित अनियमितताएं हुईं. जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि चावल को तय जगह तक पहुंचाने के बजाय उसकी कथित तौर पर हेराफेरी (डायवर्जन) की गई. इसी मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है.

महाप्रबंधक के.पी. आशा भी निलंबित

इससे पहले 25 मई को एफसीआई के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय की महाप्रबंधक के.पी. आशा को भी निलंबित किया गया था. उनके निलंबन आदेश में कहा गया था कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक चूक की. साथ ही, उन्होंने मौजूदा ओपन मार्केट सेल स्कीम की नीति में शामिल नहीं होने के बावजूद NERAMAC को बिना नीलामी के चावल  जारी कर दिए.

निजी कंपनी को बेच दिया चावल

कहा जा रहा है कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बांटे जाने वाले चावल को कथित तौर पर बीच में ही दूसरी जगह भेजकर एक निजी कंपनी को बेच दिया गया. यह सरकारी नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों ने निजी खरीदार के साथ मिलकर काम किया. इसी मामले में नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल एग्रीकल्चरल मार्केटिंग कॉरपोरेशन (NERAMAC) ने भी अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. 23 जून को जारी आदेश में कंपनी ने अपने प्रबंध निदेशक (MD) भास्कर बरुआ और अतिरिक्त महाप्रबंधक (एग्रीबिजनेस एवं मार्केटिंग) अंजल कुमार दत्ता को निलंबित कर दिया.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 11 Jul, 2026 | 02:18 PM

लेटेस्ट न्यूज़