कहीं अपने पौधों को अनजाने में मार तो नहीं रहें आप? जानें ये 6 आसान ट्रिक्स और बचाएं अपना बगीचा
Gardening Tips: क्या आपके फूलों के पौधे बार-बार सूखते हैं या कमजोर नजर आते हैं? क्या कीट और रोग आपके गार्डन की खूबसूरती को छीन रहे हैं? अगर हां तो अब चिंता की जरूरत नहीं है. थोड़े से घरेलू उपाय और सही देखभाल से आप अपने बगीचे को फिर से हरा-भरा, जीवंत और फूलों से महकता बना सकते हैं. बस थोड़ी समझदारी, सही मिट्टी, पानी और प्राकृतिक पोषण, और आपका गार्डन लौट आएगा अपनी खोई हुई रौनक के साथ.

पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी हल्की और पोषक तत्वों से भरपूर होनी चाहिए. घर पर बनी जैविक खाद जैसे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या रसोई के गीले कचरे का इस्तेमाल मिट्टी में पोषण बढ़ाने और पौधों को प्राकृतिक शक्ति देने के लिए किया जा सकता है.

पौधों को जरूरत से ज्यादा या बहुत कम पानी देना दोनों ही नुकसानदायक हो सकता है. गर्मियों में हल्का पानी रोजाना देना चाहिए, जबकि सर्दियों में मिट्टी में नमी अधिक समय तक बनी रहती है, इसलिए पानी की मात्रा कम रखें.

मौसम और मिट्टी की नमी को ध्यान में रखते हुए सुबह या शाम के समय पानी देना सबसे अच्छा माना जाता है. इससे पानी का लाभ पौधों तक सही तरीके से पहुंचता है और जड़ें मजबूती से विकसित होती हैं.

पौधों को कीट और रोगों से बचाने के लिए घरेलू उपाय बेहद कारगर हैं. नीम की पत्तियों का घोल, लहसुन और मिर्च से बना प्राकृतिक स्प्रे पौधों पर छिड़कने से कीटों और रोगजनकों से सुरक्षा मिलती है.

सप्ताह में एक बार पौधों की पत्तियों की हल्की सफाई करने से रोगों का खतरा कम होता है. इसके अलावा, फूलों वाले पौधों को रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप और पर्याप्त हवा मिलनी चाहिए. यह पौधों को मजबूत, स्वस्थ और जीवंत बनाए रखता है.

मिट्टी, पानी, पोषण, धूप और सुरक्षा का संतुलित संयोजन पौधों की खोई हुई रौनक वापस लाता है. नियमित निगरानी और थोड़ी सी मेहनत से आप अपने गार्डन को न सिर्फ हरा-भरा रख सकते हैं, बल्कि लंबे समय तक सुंदर फूलों से महकता भी रख सकते हैं.