लोगों को लगता है कि चीनी के मुकाबले गुड़ ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार ये मानना एक बड़ी गलती है. दोनों ही लगभग समान मात्रा में कैलोरी प्रदान करते हैं और शरीर में मीठे का एक जैसा असर डालते हैं.
गुड़ में आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्व जरूर पाए जाते हैं, लेकिन इनकी मात्रा इतनी कम होती है कि शरीर पर इसका कोई विशेष सकारात्मक प्रभाव नहीं दिखता. इसलिए इसे हेल्दी समझकर जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं.
एक रिसर्च के मुताबिक गुड़ भी शुगर लेवल को उतनी ही तेजी से बढ़ाता है, जितना कि रिफाइंड शुगर. इसलिए डायबिटिक मरीजों के लिए गुड़ भी उतना ही नुकसानदायक हो सकता है, अगर उसकी मात्रा पर ध्यान न दिया जाए.
गुड़ और चीनी दोनों में हाई कैलोरी कंटेंट होता है, जिससे अधिक सेवन करने पर वजन बढ़ सकता है. अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दोनों को सीमित मात्रा में ही लेना सही रहेगा.
न्यूट्रीशनिस्ट शालिनी बताती हैं कि गुड़ और चीनी दोनों का थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सेवन किया जाए, तो कोई बड़ी समस्या नहीं होती. असली नुकसान तब होता है जब लोग इसे “हेल्दी” मानकर बिना लिमिट खा लेते हैं.
अगर आप मीठा खाने से परहेज़ नहीं कर सकते लेकिन हेल्दी रहना चाहते हैं, तो स्टीविया, डेट शुगर, कोकोनट शुगर और मॉन्क फ्रूट एक्सट्रेक्ट जैसे नेचुरल स्वीटनर्स आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं. ये शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखते हैं और वजन बढ़ने का खतरा भी कम होता है.