Tip Of The Day: कहीं आपकी लीची भी तो नहीं हो रही खराब? फ्रूट क्रैकिंग से ऐसे बचाएं फसल

Litchi Farming Tips: लीची अपनी मिठास और रसीले स्वाद के कारण किसानों के लिए सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि कम समय में बेहतर मुनाफा देने वाला सुनहरा अवसर मानी जाती है. लेकिन इस लाभदायक खेती के साथ एक बड़ी चुनौती भी जुड़ी है, ‘फलों का अचानक फट जाना’, जिसे ‘फ्रूट क्रैकिंग’ कहा जाता है. तापमान में बदलाव, तेज गर्म हवाएं और नमी की कमी मिलकर पूरी फसल को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में सही वैज्ञानिक प्रबंधन और समय पर देखभाल ही किसानों को नुकसान से बचा सकती है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 23 May, 2026 | 10:55 AM
1 / 6लीची की खेती किसानों के लिए कम समय में अच्छी आय देने वाली फसल मानी जाती है, क्योंकि इसकी बाजार में मांग और कीमत दोनों ही स्थिर रहती हैं.

लीची की खेती किसानों के लिए कम समय में अच्छी आय देने वाली फसल मानी जाती है, क्योंकि इसकी बाजार में मांग और कीमत दोनों ही स्थिर रहती हैं.

2 / 6लीची में ‘फ्रूट क्रैकिंग’ यानी फलों का फटना एक प्रमुख समस्या है, जो तापमान में उतार-चढ़ाव, गर्म हवाओं और नमी की कमी के कारण होती है और फसल की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाती है.

लीची में ‘फ्रूट क्रैकिंग’ यानी फलों का फटना एक प्रमुख समस्या है, जो तापमान में उतार-चढ़ाव, गर्म हवाओं और नमी की कमी के कारण होती है और फसल की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाती है.

3 / 6बागों में सही नमी बनाए रखना बेहद आवश्यक है. मिट्टी की फील्ड कैपेसिटी के अनुसार नियमित सिंचाई करनी चाहिए और जलभराव से बचना चाहिए ताकि फल सुरक्षित रहें.

बागों में सही नमी बनाए रखना बेहद आवश्यक है. मिट्टी की फील्ड कैपेसिटी के अनुसार नियमित सिंचाई करनी चाहिए और जलभराव से बचना चाहिए ताकि फल सुरक्षित रहें.

4 / 60.4 ग्राम प्रति लीटर पानी में बोरेक्स मिलाकर हर 10 दिन के अंतराल पर छिड़काव करने से फलों के फटने की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है.

0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी में बोरेक्स मिलाकर हर 10 दिन के अंतराल पर छिड़काव करने से फलों के फटने की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है और गुणवत्ता भी बेहतर रहती है.

5 / 6बिहार के लीची किसानों पर दोहरी मार, मौसम की बेरुखी से आधी से ज्यादा फसल बर्बाद

बिहार के लीची किसानों पर दोहरी मार, मौसम की बेरुखी से आधी से ज्यादा फसल बर्बाद

6 / 6अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों और समय पर देखभाल अपनाएं, तो लीची की फसल को नुकसान से बचाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं और बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर अपनी आय मजबूत कर सकते हैं.

अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों और समय पर देखभाल अपनाएं, तो लीची की फसल को नुकसान से बचाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं और बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर अपनी आय मजबूत कर सकते हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 19 May, 2026 | 06:00 AM

लेटेस्ट न्यूज़