अब खेती में डबल फायदा! सरकार देगी सब्जी-मसाला पर 40 हजार और प्याज गोदाम पर 4.5 लाख का सब्सिडी

बिहार कृषि विभाग ने किसानों के लिए सब्जी और मसाला खेती को बढ़ावा देने वाली नई योजना शुरू की है. हल्दी, अदरक, प्याज और हाइब्रिड सब्जियों पर अनुदान मिलेगा, जबकि 50 मीट्रिक टन प्याज भंडारण संरचना बनाने पर 4.50 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 18 Aug, 2026 | 04:38 PM

Bihar Agriculture Department: बिहार में सब्जी और मसाला फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. बिहार कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 28 करोड़ 10 लाख 19 हजार रुपये की योजना को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य हल्दी, अदरक, प्याज और हाइब्रिड सब्जियों की खेती को बढ़ावा देना, प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना तथा प्याज भंडारण क्षमता विकसित कर किसानों की आय बढ़ाना है. विभाग की अपर सचिव कल्पना कुमारी ने योजना के क्रियान्वयन संबंधी आदेश जारी किए हैं.

हल्दी-अदरक की खेती पर प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपये तक सहायता

बिहार कृषि विभाग के अनुसार हल्दी और अदरक  की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत एक लाख रुपये निर्धारित की गई है. किसानों को लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा. यह राशि डीबीटी इन कैश या डीबीटी इन काइंड के माध्यम से एक किस्त में दी जाएगी. योजना का लाभ लेने के लिए किसान न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक आवेदन कर सकते हैं. इस घटक का लाभ राज्य के सभी 38 जिलों के किसानों को मिलेगा और उन्हें प्रमाणित अथवा सत्यापित बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे.

प्याज की खेती और 50 एमटी भंडारण संरचना पर विशेष प्रोत्साहन

प्याज उत्पादक किसानों के लिए विभाग ने दोहरी सुविधा दी है. प्याज की खेती  के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत 50 हजार रुपये तय की गई है, जिस पर किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा. वहीं, 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे के निर्माण पर प्रति इकाई छह लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है. इसमें 75 प्रतिशत यानी अधिकतम 4.50 लाख रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से एकमुश्त दिया जाएगा. प्रत्येक कृषक परिवार को अधिकतम एक भंडारण संरचना का लाभ मिलेगा.

हाइब्रिड सब्जियों का बढ़ेगा उत्पादन और बाजार से जुड़ाव

योजना के तहत टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी  जैसी हाइब्रिड सब्जियों की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा. कृषि विभाग का लक्ष्य उच्च उत्पादकता, जलवायु अनुकूल और रोगमुक्त किस्मों का प्रसार करना है ताकि उत्पादन के साथ गुणवत्ता भी बढ़ सके. विभाग का मानना है कि प्रमाणित बीजों के उपयोग से किसानों की लागत घटेगी, उपज बढ़ेगी और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल मिलने से बाजार में उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

28 जिलों में भंडारण सुविधा, आवेदन बिहार कृषि एप से

प्याज भंडारण योजना  का क्रियान्वयन 28 चयनित जिलों में किया जाएगा. इनमें समस्तीपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, वैशाली, सारण, बेगूसराय, पूर्णिया, पटना, गया और पश्चिम चंपारण सहित अन्य जिले शामिल हैं. जिलों का चयन कृषि-जलवायु अनुकूलता, मिट्टी की विशेषता और बाजार संपर्क के आधार पर किया गया है. योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में न्यूनतम 25 हेक्टेयर का क्लस्टर विकसित किया जाएगा. लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए बिहार डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा, जबकि आवेदन बिहार कृषि एप के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे. कृषि विभाग के अनुसार यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, फसल संरक्षण और बेहतर बाजार प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 18 Aug, 2026 | 04:38 PM

लेटेस्ट न्यूज़