Farmers Safety: कीटनाशक का गलत रंग चुनना पड़ सकता है महंगा, फसल के साथ सेहत भी हो सकती है बर्बाद!
Tips For Farmers: खेत में कीटों से फसल बचाने के लिए कीटनाशक तो जरूरी हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटी-सी लापरवाही आपकी फसल ही नहीं, आपकी सेहत और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है?

लाल लेबल: लाल रंग वाला कीटनाशक काफी ज्यादा जहरीला होता है. इसकी बहुत थोड़ी मात्रा भी इंसान और पशुओं के लिए जानलेवा हो सकती है. इसका इस्तेमाल सिर्फ गंभीर कीट प्रकोप में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.

पीला लेबल: पीले लेबल वाले कीटनाशक भी खतरनाक होते हैं. ये त्वचा या सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इन्हें अनाज वाली फसलों में सीमित समय पर ही इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है.

नीला लेबल: नीले रंग का लेबल बताता है कि कीटनाशक मध्यम जहरीला है. सही मात्रा और सावधानी के साथ इस्तेमाल करने पर यह फसलों के लिए प्रभावी और अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है.

हरा लेबल: हरे लेबल वाले कीटनाशक कम विषैले होते हैं. ये अक्सर जैविक या नीम आधारित होते हैं और सब्जियों, किचन गार्डन व पर्यावरण के लिए ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं.

ऑनलाइन नकली कीटनाशकों को लेकर केंद्र से सख्त कानून की मांग, pc-pexels

कीटनाशक खरीदते समय डिब्बे पर बना रंगीन त्रिकोण और निर्देश जरूर पढ़ें. गलत लेबल की दवा से फसल खराब होने के साथ किसान की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है.
Get Latest Farming Tips , Crop Updates , Government Schemes , Agri News , Market Rates , Weather Alerts , Equipment Reviews and Organic Farming News only on KisanIndia.in
भारत की सबसे छोटी गाय नस्ल का नाम क्या है?
9319947093
जवाब इस नंबर पर करें Whatsapp