22वीं किस्त जारी होने से पहले जान लें पीएम किसान की ये जरूरी बातें, नहीं तो अटक सकती है रकम
PM-KISAN योजना 7 साल पुरानी हो चुकी है और 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिल चुका है. 22वीं किस्त का इंतजार है. योजना में डिजिटल सिस्टम, मोबाइल ऐप और फेस ऑथेंटिकेशन फीचर शामिल हैं. पात्रता में भूमि रिकॉर्ड और एक परिवार-एक लाभार्थी नियम की सख्त जांच हो रही है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 22वीं किस्त का इंतजार लाभार्थी किसान काफी समय से कर रहे हैं. लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है. पर उम्मीद जताई जा रहा है कि होली के बाद यानी मार्च महीने में सरकार कभी भी पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी कर सकती है. लेकिन इससे पहले किसानों को पीएम किसान के 7 साल के लंबे सफर के बारे में जानना जरूरी है. क्योंकि यह केंद्रीय स्कीम अपनी सातल साल की यात्रा पूरी कर चुकी है. इस दौरान योजनाओं में कई बड़े बदलाव किए गए. हालांकि, अभी तक इस योजना से 11 करोड़ से अधिक लाभार्थी लाभांवित हो चुके हैं.
PM-KISAN योजना ने समय के साथ मजबूत डिजिटल सिस्टम तैयार किया है, जिससे किसानों का पंजीकरण और सत्यापन आसान हो गया है. फरवरी 2020 में लॉन्च हुई PM-KISAN मोबाइल ऐप से किसान खुद को रजिस्टर कर सकते हैं, पेमेंट स्टेटस देख सकते हैं और ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं. 2023 में फेस ऑथेंटिकेशन फीचर भी जोड़ दिया गया, जिससे दूर-दराज के किसानों के लिए OTP या फिंगरप्रिंट की जरूरत बिना ई-केवाईसी संभव हो गई.
की जा रही है भूमि रिकॉर्ड की समीक्षा
इस जांच में मुख्य रूप से दो बातें देखी जा रही हैं. सबसे पहले, भूमि के मालिकाने के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है. चूंकि जमीन का मालिक होना पात्रता की मुख्य शर्त है, इसलिए उन किसानों की जानकारी विशेष रूप से जांची जा रही है, जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद अपनी जमीन अपने नाम दर्ज करवाई थी. भूमि रिकॉर्ड में किसी भी गड़बड़ी के मामले में उन्हें सूची से बाहर किया जा सकता है.
इस नियम को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है
दूसरी शर्त है एक परिवार- एक लाभार्थी नियम. इस नियम को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है. योजना के अनुसार, पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे वाला परिवार एक यूनिट माना जाता है और केवल एक सदस्य ही लाभ उठा सकता है. अगर दोनों पति-पत्नी को किस्तें मिल रही पाई गईं, तो भुगतान रोक दिया गया है. किसान अपनी स्थिति जांचने के लिए आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं. पंजीकरण नंबर और कैप्चा डालकर वे पात्रता देख सकते हैं और जरूरी जानकारी अपडेट कर सकते हैं.
22वीं किस्त से पहले सरकार ने व्यापक पुन:सत्यापन अभियान चलाया है, जिसके तहत कई किसानों के नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल योग्य किसानों तक पहुंचे. अब यह योजना अपना आठवां साल पूरा कर रही है. PM-KISAN अब भी सरकार की सबसे बड़ी ग्रामीण आय सहायता योजनाओं में से एक बनी हुई है, जबकि कड़े सत्यापन उपाय इसके कार्यान्वयन को और मजबूत बना रहे हैं.
24 फरवरी 2019 को शुरू की गई पीएम किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी और भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आज भी काफी प्रासंगिक है. यह योजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक मदद करना है. इसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन बराबर किस्तों में हर किस्त 2,000 रुपये भेजे जाते हैं. यह राशि सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और दुरुपयोग कम होता है.
कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं
PM-KISAN योजना के तहत अब तक कुल 3.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों को दिए जा चुके हैं. नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में 21वीं किस्त जारी की, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,000 करोड़ रुपये दिए गए. इससे पहले अगस्त 2025 में 20वीं किस्त में 9.8 करोड़ किसानों, जिनमें 2.4 करोड़ महिलाएं शामिल थीं, को लाभ मिला था. वहीं, सरकार बार-बार कहती रही है कि इस योजना का मकसद किसानों की आय बढ़ाना और गैर-औपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना है.. सीधे मिलने वाली यह आर्थिक मदद किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में सक्षम बनाती है, जिससे फसल अच्छी रहती है और खेती लगातार चलती रहती है.