PM Kisan फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई, कोर्ट पहुंची पुलिस.. अब जब्त हो सकती है चल और अचल संपत्ति 

यह मामला 8 अगस्त 2025 को सामने आया था, जब एक व्हिसलब्लोअर ने झालावाड़ के कमखेड़ा इलाके में आशिक अली नाम के व्यक्ति से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी. एसपी अमित कुमार ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर जांच अधिकारी रवि सेन ने कई बैंक खातों की जांच शुरू की.

नोएडा | Published: 27 Feb, 2026 | 02:56 PM

PM Kisan: राजस्थान में पीएम किसान योजना से जुड़े फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. झालावाड़ पुलिस ने अदालत में अर्जी दी है. उनका मकसद  संपत्तियों को जब्त करना है. ये संपत्तियां कथित तौर पर PM-Kisan सम्मान निधि में बड़े साइबर ठगी से हासिल की गई थीं. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार का कहना है कि अब तक 51 लोग, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है, गिरफ्तार किए जा चुके हैं. उन्होंने इसे राज्य में अब तक का सबसे बड़ा साइबर ठगी मामला बताया है, जो लंबे समय तक संगठित तरीके से चलाया गया था.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस ने 22 अक्टूबर को ‘ऑपरेशन शटडाउन’ शुरू किया था ताकि इस ठगी के नेटवर्क को तोड़ा जा सके. उन्होंने कहा कि जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग काम कर रहे थे. किसी का काम लाभार्थियों के डेटा तक पहुंच बनाना था तो कोई रिकॉर्ड में बदलाव करता था. साथ ही फंड्स की हेराफेरी और कमीशन वसूलने के लिए गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेवारी दी गई थी. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एजेंट कमीशन अपने पास रखा और खुद या अपने रिश्तेदारों के नाम पात्रता सूची में डाल दिए, जबकि वे असली पात्र नहीं थे. ठगी से प्राप्त पैसा चल और अचल संपत्ति  में लगाया गया.

इतनी संपतियों की होगी जब्ती

जांच अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक प्रेम कुमार का कहना है कि कि उन्होंने अदालत में 22 घर, 8 प्लॉट, 2 कृषि भूमि और 1 दुकान जब्त करने के लिए आवेदन दिया है. इसके अलावा सूची में 16 कारें, 18 मोटरसाइकिल, 1 ट्रैक्टर और एक फैक्ट्री भी शामिल है. जांच अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में बड़ी मात्रा में संवेदनशील डेटा बरामद किया गया है, जिसमें सरकारी अधिकारियों के SSO और PM-KISAN के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं. राजस्थान और कई अन्य राज्यों से पंजीकृत किसानों के डेटा सेट भी जब्त किए गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को सौंप दिया गया है.

इन लोगों की जब्त होगी सम्पति

रामबाबू तंवर, राजू तंवर, बिहारीलाल रैदास, बालमुकुंद रैदास, मुरली रैदास, छोटूलाल रैदास, दौसा निवासी विक्रम सैनी, रामावतार सैनी, भागचंद सैनी, रोहिताश सैनी, राजूलाल सैनी, झालावाड़ निवासी राजूलाल तंवर, धनराज मीणा, परमानंद मीणा, रविंद्र कुमार, धनरूप लोधा और मांगीलाल लोधा, बनवारीलाल तंवर, शिवनारायण तंवर, महेंद्र तंवर, रोडूलाल तंवर, धीरप तंवर, सुजान सिंह लोधा, चंद्रप्रकाश सुमन, कुलदीप कारपेंटर, इंदरमल पारेता, राजेंद्र पारेता, आशिक अली, ललित मीणा, सुनील साहू और बंटी मीणा

पिछले साल अगस्त में सामने आया था मामला

जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह मामला 8 अगस्त 2025 को सामने आया था, जब एक व्हिसलब्लोअर ने झालावाड़ के कमखेड़ा इलाके में आशिक अली नाम के व्यक्ति से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी. एसपी अमित कुमार ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर जांच अधिकारी रवि सेन ने कई बैंक खातों की जांच शुरू की. जांच के दौरान अलग-अलग योजनाओं के तहत एक ही दिन समन्वित तरीके से पैसे ट्रांसफर होने का पता चला, जिससे मामला और गंभीर हो गया.

11,000 से अधिक बैंक खातों को संदिग्ध चिह्नित किया गया

पुलिस ने 11,000 से अधिक बैंक खातों को संदिग्ध चिह्नित किया है और 48 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल  की गई है. जांचकर्ताओं के अनुसार, केवल झालावाड़ जिले में ही पीएम-किसान के तहत करीब 14.81 करोड़ रुपये, डीएमआईएस के तहत 3.62 करोड़ रुपये और पेंशन योजना के तहत लगभग इतनी ही राशि का कथित गबन हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद लाइक भी शामिल हैं, जिन्हें पीएम-किसान के राजस्थान नोडल कार्यालय का मुख्य ऑपरेटर बताया गया है.

क्या है पीएम किसान योजना

बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना  24 फरवरी को सात साल पूरी कर चुकी है. यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी और पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों की आर्थिक मदद करना है. योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं,

Topics: