PM Kisan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) की 23 वीं किस्त जारी कर दी है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से योजना की राशि जारी की. इसके लिए केंद्र सरकार को 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करनी पड़ी. वहीं, 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों ने 23वीं किस्त का लाभ उठाया है. लेकिन इसके बावजूद कई किसानों का कहना है कि उनके खातों में अभी तक 23वीं किस्त की राशि नहीं पहुंची है. उनके मोबाइल पर अभी तक 23वीं किस्त के पैसे आने का मैसेज नहीं आया है. पर इन किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. नीचे बताए बताए गए कुछ जरूरी कदम अपनाकर अपनी अटकी हुई राशि को वापस पा सकते हैं.
अगर आपके खाते में पीएम किसान योजना की किस्त नहीं पहुंची है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले पीएम किसान पोर्टल पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के माध्यम से अपना आवेदन और भुगतान की स्थिति जांचें. कई बार तकनीकी गड़बड़ी या दस्तावेजों में गलती के कारण किस्त का पैसा अटक जाता है. स्टेटस चेक करते समय यह जरूर देखें कि आपका नाम, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड सही दर्ज है या नहीं. इसके अलावा, आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और उसमें डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सुविधा सक्रिय होनी चाहिए. इन जानकारियों में किसी भी तरह की त्रुटि होने पर किस्त का पैसा आपके खाते में नहीं पहुंच पाता है.
बैंक खाता आधार से लिंक जरूर करा लें
अगर आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो जल्द से जल्द बैंक जाकर इसे अपडेट करवा लें. सरकार ने इस योजना के लिए ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन अनिवार्य कर दिया है. इनमें से कोई भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर आपकी किस्त रुक सकती है. आप ये काम ऑनलाइन पोर्टल या अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर आसानी से पूरा कर सकते हैं.
किसान यहां कर सकते हैं शिकायत
अगर पीएम किसान योजना की किस्त आपके खाते में नहीं पहुंची है, जबकि आपके सभी दस्तावेज और जानकारी सही हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. किसान अपनी शिकायत सीधे सरकार की हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए 155261 और 1800115526 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. इसके अलावा 011-23381092 पर भी संपर्क किया जा सकता है. यदि फोन पर बात करना संभव न हो, तो किसान अपनी समस्या लिखकर pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं. आप अपने क्षेत्र के लेखपाल, पटवारी या जिला कृषि अधिकारी से मिलकर भी अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं. यदि आपकी कोई किस्त रुकी हुई है, तो शिकायत दर्ज कराने और जरूरी सुधार पूरा होने के बाद सरकार अगली किस्त के साथ बकाया राशि भी आपके खाते में भेज सकती है.