गांवों के विकास में अब AI बनेगा मददगार, शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया नया ऑडिट पोर्टल

AI Audit Portal: केंद्र सरकार ने गांवों की विकास योजनाओं की बेहतर निगरानी के लिए AI आधारित नया ऑडिट पोर्टल लॉन्च किया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने और रीयल-टाइम में काम की निगरानी करने में मदद मिलेगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 29 Jun, 2026 | 10:59 AM

Rural Development Conference: देश के गांवों के विकास को और तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने AI आधारित आंतरिक ऑडिट पोर्टल (AI-enabled Internal Audit Portal) लॉन्च किया है. इस पोर्टल की मदद से ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी पहले से ज्यादा आसान और तेज होगी. सरकार का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे. यह पोर्टल नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लॉन्च किया गया.

गांवों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत

पोर्टल लॉन्च करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गांव विकसित होंगे.’ उन्होंने कहा कि गांव देश की आत्मा और सबसे बड़ी ताकत हैं. इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सही लोगों तक पहुंचाना भी है. उनके मुताबिक, सरकारी योजनाओं का असर लोगों के जीवन में दिखना चाहिए, सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए.

अब रीयल-टाइम में होगी योजनाओं की निगरानी

यह नया पोर्टल ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुख्य लेखा नियंत्रक कार्यालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने मिलकर तैयार किया है. अब तक कई योजनाओं की निगरानी और ऑडिट पारंपरिक तरीके से होते थे, जिनमें समय अधिक लगता था. नए डिजिटल पोर्टल की मदद से अब ऑडिट की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी. इससे अधिकारियों को समय रहते समस्याओं की जानकारी मिलेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे.

AI करेगा जोखिम की पहचान

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक है. AI की मदद से संभावित जोखिमों का पहले ही आकलन किया जा सकेगा. साथ ही उपलब्ध आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर बेहतर फैसले लेने में भी मदद मिलेगी.

पोर्टल में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिनमें:

  • डिजिटल ऑडिट मैनेजमेंट
  • ऑटोमेटेड रिपोर्ट तैयार करना
  • एनालिटिक्स डैशबोर्ड
  • जोखिम का AI आधारित विश्लेषण
  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग

जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

ग्रामीण योजनाओं में आएगी ज्यादा पारदर्शिता

सरकार का कहना है कि, इस नई डिजिटल व्यवस्था से गांवों में चल रही योजनाओं का काम ज्यादा पारदर्शी होगा. इससे यह देखना आसान होगा कि कौन-सी योजना का काम कहां तक पहुंचा है और अगर कहीं कोई गड़बड़ी या देरी होती है, तो उस पर जल्दी कार्रवाई की जा सकेगी. इसका फायदा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), ग्रामीण सड़क, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं की बेहतर निगरानी और उन्हें समय पर लोगों तक पहुंचाने में मिलेगा.

दूसरे मंत्रालयों में भी लागू हो सकता है पोर्टल

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस पोर्टल को वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले महालेखा नियंत्रक कार्यालय से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है. यानी आगे चलकर जरूरत पड़ने पर इस तकनीक का इस्तेमाल दूसरे केंद्रीय मंत्रालयों की योजनाओं में भी किया जा सकता है.

डिजिटल गांवों की ओर बड़ा कदम

सरकारी योजनाओं की निगरानी में AI तकनीक का इस्तेमाल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाएगा. इससे योजनाओं के लागू होने की रफ्तार बढ़ेगी और पात्र लोगों तक सरकारी लाभ समय पर पहुंचाने में मदद मिलेगी. सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बेहतर उपयोग से गांवों का विकास तेज होगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी.

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