जेल में रोजगार की नई राह..कैदियों को मिलेगा आधुनिक डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम, NDRI का बड़ा समझौता

करनाल में कैदियों के पुनर्वास और कौशल विकास के लिए नई पहल शुरू की गई है. इस योजना के तहत उन्हें डेयरी फार्मिंग और दूध उत्पादों की तकनीकी जानकारी दी जाएगी. उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रिहाई के बाद रोजगार के अवसर देना है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 3 Jul, 2026 | 10:32 PM

Dairy Training Program: करनाल में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI), करनाल ने हरियाणा जेल विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अब जेल में बंद कैदियों को डेयरी फार्मिंग और डेयरी उद्यमिता का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य कैदियों के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है, ताकि वे रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें.

समझौते का उद्देश्य

इस समझौते का मुख्य लक्ष्य कैदियों को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. अधिकारियों के अनुसार, कैदियों को वैज्ञानिक पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, दूध प्रसंस्करण और डेयरी आधारित उद्यमिता की जानकारी दी जाएगी. इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि जेल से बाहर आने के बाद कैदी स्वरोजगार अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे और अपराध की ओर दोबारा न लौटें.

करनाल जेल में बनेगी डेयरी यूनिट

समझौते के तहत करनाल जिला जेल परिसर में एक डेयरी यूनिट स्थापित की जाएगी. इसी यूनिट के माध्यम से चयनित कैदियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा. यह प्रशिक्षण तीन महीने का होगा, जिसमें उन्हें पशुओं की देखभाल, पोषण प्रबंधन, दूध उत्पादन की आधुनिक तकनीक  और डेयरी व्यवसाय के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह प्रैक्टिकल आधारित होगा, जिससे कैदी वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें.

दूध प्रसंस्करण और उद्यमिता पर विशेष जोर

इस कार्यक्रम में कैदियों को केवल दूध उत्पादन  तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें दूध से बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे घी, पनीर, दही और मक्खन बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा उन्हें डेयरी उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जेल अधीक्षक ने बताया कि पहले चरण में उन कैदियों का चयन किया जाएगा जिनका व्यवहार संतोषजनक है और जो रिहाई के बाद स्वरोजगार अपनाने में रुचि रखते हैं.

संस्थान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान  के निदेशक धीर सिंह ने कहा कि संस्थान इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तकनीकी और प्रशिक्षण सहायता देगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी. इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने इस अनोखी पहल की सराहना की और कहा कि यह कार्यक्रम कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने घोषणा की कि राज्य की प्रत्येक जेल को इस तरह की पहल को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 3 Jul, 2026 | 10:32 PM

लेटेस्ट न्यूज़