खेत में काम के दौरान ट्रैक्टर न दे धोखा, जानें इंजन को ठंडा रखने के आसान तरीके

कई बार किसान काम की जल्दी में छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, और नतीजा होता है इंजन का ओवरहीट होना. इंजन ज्यादा गर्म हो जाए तो उसकी ताकत कम हो जाती है, डीजल की खपत बढ़ती है और बड़े नुकसान का खतरा भी बन जाता है.

नई दिल्ली | Updated On: 25 Feb, 2026 | 07:50 AM

Tractor News: ट्रैक्टर आज हर किसान की ताकत है. जुताई हो, बुवाई हो या ढुलाई हर काम में ट्रैक्टर का इस्तेमाल होता है. लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, ट्रैक्टर के इंजन पर दबाव भी बढ़ जाता है. कई बार किसान काम की जल्दी में छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, और नतीजा होता है इंजन का ओवरहीट होना. इंजन ज्यादा गर्म हो जाए तो उसकी ताकत कम हो जाती है, डीजल की खपत बढ़ती है और बड़े नुकसान का खतरा भी बन जाता है.

अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखकर ट्रैक्टर को गर्मियों में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस दी जा सकती है.

इंजन ऑयल की सही देखभाल क्यों जरूरी है

इंजन ऑयल ट्रैक्टर के दिल की तरह काम करता है. यह अंदर के पुर्जों को चिकनाई देता है और घर्षण कम करता है. जब तेल कम हो जाता है या बहुत पुराना हो जाता है, तो इंजन के हिस्से आपस में ज्यादा रगड़ खाते हैं और गर्मी तेजी से बढ़ती है.

हर 80 से 100 घंटे के इस्तेमाल के बाद इंजन ऑयल का स्तर जरूर जांचें. अगर तेल का रंग बहुत गहरा या गाढ़ा दिखे, तो उसे बदल देना चाहिए. हमेशा वही ग्रेड का तेल इस्तेमाल करें जो कंपनी ने सुझाया हो. सस्ता या गलत तेल इस्तेमाल करने से इंजन जल्दी गर्म हो सकता है.

कूलिंग सिस्टम को हल्के में न लें

ट्रैक्टर का कूलिंग सिस्टम इंजन को ठंडा रखने का काम करता है. रेडिएटर में पानी या कूलेंट कम हो जाए तो इंजन जल्दी गर्म हो सकता है. रोज काम शुरू करने से पहले रेडिएटर का स्तर चेक करें.

साधारण नल का पानी डालने की बजाय डिस्टिल्ड पानी और सही कूलेंट का मिश्रण इस्तेमाल करें. गर्मियों में कूलेंट की गुणवत्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बाहर का तापमान पहले से ही ज्यादा होता है.

रेडिएटर की सफाई बेहद जरूरी

खेती के दौरान ट्रैक्टर धूल और मिट्टी में चलता है. इसका असर रेडिएटर पर भी पड़ता है. अगर रेडिएटर की जाली में मिट्टी भर जाए तो हवा का प्रवाह रुक जाता है और इंजन ज्यादा गर्म होने लगता है.

हर हफ्ते रेडिएटर की बाहरी जाली साफ करें. अगर अंदर गंदगी जमा हो गई हो तो समय-समय पर फ्लश करवाना भी जरूरी है. ध्यान रखें कि रेडिएटर कैप कभी भी गर्म इंजन पर न खोलें.

फैन बेल्ट की हालत पर रखें नजर

फैन बेल्ट इंजन को ठंडा रखने में अहम भूमिका निभाती है. अगर बेल्ट ढीली हो जाए या फटने लगे तो कूलिंग सिस्टम सही काम नहीं करेगा.

हर महीने बेल्ट की जांच करें. अगर दरारें दिखें या बेल्ट बहुत ढीली लगे तो तुरंत बदलवाएं या कसवाएं. छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है.

एयर फिल्टर साफ रहेगा तो इंजन रहेगा ठंडा

इंजन को सही दहन के लिए साफ हवा चाहिए. अगर एयर फिल्टर गंदा हो जाए तो इंजन को पर्याप्त हवा नहीं मिलती और वह ज्यादा गर्म होने लगता है.

धूल भरे खेतों में काम करते समय एयर फिल्टर जल्दी गंदा होता है. हर 50 घंटे के बाद इसे साफ करें और जरूरत हो तो बदलें. साफ एयर फिल्टर से माइलेज भी बेहतर रहता है.

जरूरत से ज्यादा लोड न डालें

हर ट्रैक्टर की एक तय क्षमता होती है. उससे ज्यादा भार उठाने से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. यह दबाव धीरे-धीरे ओवरहीटिंग का कारण बन सकता है.

खेत में काम करते समय ट्रैक्टर की क्षमता का ध्यान रखें. अगर लगातार भारी काम करना हो तो बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक दें ताकि इंजन ठंडा हो सके.

लगातार घंटों तक ट्रैक्टर न चलाएं

गर्मियों में लगातार 5–6 घंटे ट्रैक्टर चलाना इंजन के लिए भारी पड़ सकता है. बेहतर है कि हर कुछ घंटों के बाद 20–30 मिनट का ब्रेक दिया जाए. इस दौरान इंजन को ठंडा होने का मौका मिलता है और मशीन लंबे समय तक अच्छी हालत में रहती है.

सही गियर और क्लच का इस्तेमाल

कई किसान क्लच को जरूरत से ज्यादा देर तक दबाकर रखते हैं या गलत गियर में ट्रैक्टर चलाते हैं. इससे इंजन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है. हमेशा काम के अनुसार सही गियर चुनें और क्लच का संतुलित इस्तेमाल करें. इससे इंजन की गर्मी नियंत्रित रहती है.

ट्रैक्टर को छांव में खड़ा करें

धूप में लंबे समय तक खड़ा ट्रैक्टर पहले से गर्म हो जाता है. ऐसे में जब उसे स्टार्ट किया जाता है तो इंजन पर ज्यादा दबाव पड़ता है. कोशिश करें कि ट्रैक्टर को पेड़ की छांव या शेड के नीचे पार्क करें. काम खत्म होने के बाद इंजन तुरंत बंद न करें, उसे कुछ मिनट खाली चलने दें ताकि गर्मी बाहर निकल सके.

समय पर सर्विसिंग से बचेगा बड़ा खर्च

नियमित सर्विसिंग ट्रैक्टर की लंबी उम्र की कुंजी है. हर 6 महीने में या तय घंटे पूरे होने पर सर्विस जरूर करवाएं. अगर इंजन से अजीब आवाज आए, धुआं ज्यादा निकले या तापमान गेज सामान्य से ऊपर जाए तो तुरंत मैकेनिक को दिखाएं. छोटी समस्या को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है.

गर्मियों में खास सावधानी

गर्मी के मौसम में खेतों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है. ऐसे में इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसलिए सुबह या शाम के समय काम करना बेहतर रहता है.

सही रखरखाव और थोड़ी जागरूकता से ट्रैक्टर को ओवरहीटिंग से बचाया जा सकता है. याद रखें, ट्रैक्टर आपकी मेहनत का साथी है. अगर आप उसका ध्यान रखेंगे तो वह भी हर मौसम में आपका साथ निभाएगा.

Published: 25 Feb, 2026 | 08:00 AM

Topics: