गन्ना किसानों के लिए ICAR ने बनाया खास हार्वेस्टर, कटाई-छंटाई और ढुलाई सभी काम करेगा

इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के प्रतिनिधियों ने आईसीएआर के गन्ना शोध संस्थान का विजिट किया और नई तकनीकों और विधियों समेत गन्ना विकास के बारे में जानकारी ली. इसके साथ ही किसानों को जलवायु अनुकूल किस्मों के साथ ही किसानों की कमाई बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की.

Kisan India
नोएडा | Published: 20 Jan, 2026 | 04:55 PM

गन्ना किसानों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) खास हार्वेस्टर विकसित किया है, जो गन्ना कटाई से लेकर छंटाई और ट्रॉली में लदाई का काम तक करेगा. इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के प्रतिनिधियों ने आईसीएआर विजिट किया और नई तकनीकों और विधियों समेत गन्ना विकास के बारे में जानकारी ली. इसके साथ ही किसानों को जलवायु अनुकूल किस्मों के साथ ही किसानों की कमाई बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की.

गन्ना शोध संस्थान पहुंचा ISMA का प्रतिनिधिमंडल

भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव (चीनी) अश्विनी श्रीवास्तव के नेतृत्व में इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक दीपक बल्लानी, आदित्य झुनझुनवाला समेत कई प्रतिनिधियों ने ICAR–इंडियन शुगरकेन रिसर्च इंस्टीट्यूट (ISRI) लखनऊ का दौरा किया. इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में गन्ना वैल्यू चेन को मजबूत करना था. प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के चल रहे अनुसंधान, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पहलों और स्थायी गन्ना खेती का समर्थन करने वाली प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की.

इन पहलों से अधिक उपज, कम इनपुट और श्रम लागत समय पर कटाई और अधिक टिकाऊ खेती के तरीकों को पक्का करने की उम्मीद है. इससे गन्ना किसानों की बेहतर और स्थिर आय में सीधे योगदान मिलेगा.

हाई क्वालिटी वाली रोपण सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों के लिए हाई क्वालिटी वाली रोपण सामग्री की उपलब्धता पक्की करने के लिए एक मजबूत माइक्रोप्रोपैगेशन आधारित स्वस्थ बीज गन्ना उत्पादन प्रणाली के लिए संस्थान के साथ जुड़ाव की व्यवहार्यता का पता लगाया. यह नोट किया गया कि MHAT प्रौद्योगिकी पर आधारित संस्थान का तीन स्तरीय बीज गन्ना उत्पादन और वितरण कार्यक्रम पुराने और खराब हो चुके बीज गन्ने के चरणबद्ध प्रतिस्थापन को सुविधाजनक बना सकता है. टिश्यू कल्चर से उगाए गए, रोग-मुक्त बीज गन्ने के व्यावसायिक उत्पादन की क्षमता पर भी प्रकाश डाला गया.

गन्ना काटने, छांटने और ट्रैक्टर ट्रॉली में लोड करेगा हार्वेस्टर

प्रतिनिधिमंडल ने नोट किया कि संस्थान एक ऐसे पूरे गन्ना हार्वेस्टर को विकसित करने की प्रक्रिया में है जो खड़ी फसलों को काटने, ऊपरी हिस्से को हटाने, कचरा हटाने और सीधे गन्ने को ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लोड करने में सक्षम है. इस नवाचार को श्रम की कमी को दूर करने और पारंपरिक यांत्रिक कटाई से जुड़े उच्च कचरे की मात्रा को कम करने के लिए समय पर माना गया। यह ट्रैक्टर पर लगा गन्ना हार्वेस्टर छोटे खेतों के लिए भी उपयुक्त होगा.

गन्ना कीटों के प्रभावी प्रबंधन के लिए बायो कंट्रोल समाधान

प्रमुख गन्ना कीटों के प्रभावी प्रबंधन के लिए संस्थान की ओर से विकसित पर्यावरण अनुकूल बायो कंट्रोल समाधानों को भी स्वीकार किया गया. ये बायो कंट्रोल समाधान फसलों, लाभकारी जीवों और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं. इसके साथ ही पर्याप्त समर्थन के साथ व्यावसायिक उत्पादन की क्षमता रखते हैं. गन्ना अनुसंधान और विकास के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया, विशेष रूप से ISRI में विकसित गन्ने की किस्मों, मल्टी रैटूनिंग, इंटरक्रॉपिंग, और उद्योग संस्थान सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाया गया.

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