चीनी मिलों को राहत देने की तैयारी, 41 रुपये किलो न्यूनतम बिक्री मूल्य तय करने की उठी मांग.. जानें सरकार का फैसला

महाराष्ट्र सरकार ने चीनी का MSP 31 से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति किलो करने और एथेनॉल खरीद कोटा बढ़ाने की मांग की है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह से मुलाकात कर चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई. केंद्र ने मदद का भरोसा दिया है और ड्यूल प्राइसिंग पॉलिसी पर भी विचार शुरू हो गया है.

Kisan India
नोएडा | Published: 28 May, 2026 | 11:00 PM

Sugar Price: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य के चीनी सहकारी क्षेत्र और प्याज किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए. उन्होंने चीनी मिलों पर बढ़ते आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति किलो करने की मांग की. फडणवीस ने कहा कि गन्ने की खरीद लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे चीनी मिलों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है. वहीं, मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार चीनी मिलों की मदद करेगी.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विस्तार के लिए लिए गए बकाया कर्ज का पुनर्गठन  किया जाएगा, ताकि मिलों पर आर्थिक बोझ कम हो सके. इसके अलावा चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मौजूदा 31 रुपये प्रति किलो से बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा. खास बात यह है कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र की चीनी मिलों के लिए एथेनॉल खरीद का कोटा बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाएगी. इससे चीनी उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.

43 रुपये किलो MSP की मांग

वहीं, चीनी मिलों ने सरकार से चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 43 रुपये प्रति किलो करने की मांग की है. इसके साथ ही मिलों ने एथेनॉल खरीद  का कोटा बढ़ाने की भी मांग रखी है. उनका कहना है कि मौजूदा कोटा उनकी कुल उत्पादन क्षमता का सिर्फ 30 फीसदी ही पूरा कर पा रहा है. इस सीजन में महाराष्ट्र की चीनी मिलों को 325 करोड़ लीटर एथेनॉल का कोटा मिला है, जो उनकी क्षमता से कम है.

प्राइसिंग सिस्टम लागू करने की मांग

मिलों ने सरकार से चीनी के लिए ड्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू करने की मांग भी की है. इसके तहत चॉकलेट, मिठाई और सॉफ्ट ड्रिंक  बनाने जैसी व्यावसायिक जरूरतों के लिए खरीदी जाने वाली चीनी की कीमत ज्यादा रखी जा सकेगी. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने चीनी खरीद के लिए ड्यूल प्राइसिंग पॉलिसी लागू करने का औपचारिक प्रस्ताव भेजने को कहा है. फडणवीस के मुताबिक बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उन पर अगले 10 दिनों में फैसला लिया जा सकता है.

क्या है गन्ने का FRP

वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाराष्ट्र की चीनी मिलें पिछले कुछ वर्षों से लगातार घाटे में चल रही हैं. उन्होंने बताया कि 2018-19 में गन्ने का FRP 2,750 रुपये प्रति टन था, जो 2026-27 में बढ़कर 3,650 रुपये प्रति टन हो गया है. यानी इस अवधि में गन्ने की कीमत करीब 29.49 फीसदी बढ़ी, लेकिन चीनी का MSP अब तक नहीं बढ़ाया गया। इससे चीनी मिलों पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हो गया है. इससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने C-हेवी शीरा, B-हेवी शीरा और गन्ने के रस/सिरप से बनने वाले एथेनॉल के अलग-अलग दाम तय किए हैं. उम्मीद थी कि गन्ने के FRP में बढ़ोतरी के साथ एथेनॉल की कीमतों में भी समय-समय पर संशोधन किया जाएगा.

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Published: 28 May, 2026 | 11:00 PM

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