पराली जलाने पर लगेगी ब्रेक! सरकार आधे दामों पर दे रही कृषि यंत्र, जानें कैसे मिलेगा योजना का फायदा

Stubble Management Machines: हरियाणा सरकार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि मशीनों पर 50 फीसदी तक सब्सिडी देगी. इस योजना का उद्देश्य पराली जलाने पर रोक लगाना और किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना है. योजना के तहत कई आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ मिलेगा.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 28 May, 2026 | 10:30 PM

Parali Management: हरियाणा में पराली जलाने की बढ़ती समस्या के बीच किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. अब किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदने में ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने साल 2026-27 के लिए आरकेवीवाई योजना के तहत प्रबंधन 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. इस योजना के जरिए न केवल किसानों की लागत कम होगी, बल्कि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर भी लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है. हैप्पी सीडर से लेकर सुपर सीडर और बेलर जैसी आधुनिक मशीनों पर मिलने वाली यह सहायता किसानों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं मानी जा रही.

15 जून तक कर सकते हैं आवेदन

विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल agriharyana.gov.in पर 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यह योजना किसानों को खेती में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी. साथ ही इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी.

इन कृषि मशीनों पर मिलेगा अनुदान

योजना के तहत किसानों को कई आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाएगी. इनमें:

  • सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम
  • हैप्पी सीडर
  • सुपर सीडर
  • पैडी स्ट्रॉ चॉपर
  • मल्चर
  • बेलर
  • श्रब मास्टर
  • जीरो सीड ड्रिल
  • सरफेस सीडर
  • स्ट्रा रेक
  • क्रॉप रीपर
  • ट्रैक्टर माउंटेड लोडर

जैसी मशीनें शामिल हैं.

इन मशीनों के जरिए किसान फसल अवशेष का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे और खेतों में पराली जलाने की जरूरत कम होगी.

योजना का मुख्य उद्देश्य

सरकार का फोकस किसानों को आधुनिक खेती की ओर ले जाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी है. हर साल पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों प्रभावित होते हैं. ऐसे में यह योजना किसानों को वैकल्पिक तकनीक अपनाने में मदद करेगी. योजना का लाभ लेने के लिए किसान का “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर खरीफ और रबी सीजन 2025-26 के लिए पंजीकरण होना जरूरी है. भले ही किसान जमीन का मालिक न हो, फिर भी पंजीकरण अनिवार्य रहेगा.

इसके अलावा:

  • किसान केवल एक मशीन के लिए आवेदन कर सकेगा.
  • एक परिवार पहचान पत्र पर सिर्फ एक व्यक्ति को लाभ मिलेगा.
  • बेलर मशीन लेने वाले किसान ही हे-रेक और श्रब मास्टर मशीन का लाभ ले सकेंगे.

जरूरी दस्तावेज

आवेदन के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • ट्रैक्टर की वैध आरसी
  • बैंक पासबुक
  • स्वयं घोषणा पत्र
  • लघु एवं सीमांत किसान की पटवारी रिपोर्ट

ज्यादा आवेदन आने पर होगा ड्रॉ

अगर तय संख्या से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो 25 जून 2026 को जिला स्तरीय समिति की देखरेख में लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाएगी. जिन किसानों का चयन होगा, उन्हें सात दिनों के अंदर अपने जरूरी दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करने होंगे.

मशीन खरीदने के नियम

चयन होने के बाद किसान 30 जुलाई 2026 तक विभाग से मान्यता प्राप्त कंपनी या डीलर से मशीन खरीद सकेंगे. सरकार ने मशीनों की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वारंटी से जुड़े कुछ नियम भी तय किए हैं:

  • 2 लाख रुपये से कम कीमत की मशीन पर 1 साल की वारंटी
  • 2 लाख रुपये से अधिक की मशीन पर 2 साल की वारंटी

साथ ही, पांच साल तक सर्विस और स्पेयर पार्ट की सुविधा भी देनी होगी. मशीन की खरीद का भुगतान केवल ऑनलाइन या चेक के माध्यम से मान्य होगा.

किसानों के लिए मदद और संपर्क

योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक और सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. कृषि विकास अधिकारी कपिल सैनी से मोबाइल नंबर 79886-54906 पर भी जानकारी ली जा सकती है.

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Published: 28 May, 2026 | 10:30 PM

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