UP के लिए बड़ी उपलब्धि, वाराणसी से पहली बार ओमान भेजी गई 40 टन बिस्कुट की खेप

भारत-ओमान CEPA के तहत वाराणसी से पहली बार 40 टन बिस्कुट की खेप ओमान भेजी गई है. एपीडा के सहयोग से हुआ यह निर्यात पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे क्षेत्र के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी और खाड़ी देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.

Kisan India
नोएडा | Published: 26 Jun, 2026 | 10:17 AM

Biscuit Export: भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) का असर अब कारोबार में दिखने लगा है. इसी कड़ी में वाराणसी से पहली बार ओमान के लिए 40 टन बिस्कुट की खेप निर्यात की गई है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से हुआ यह निर्यात पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे क्षेत्र के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलने के साथ निर्यात बढ़ने की उम्मीद है.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी से भेजी गई बिस्कुट की खेप को पहले सीमा शुल्क (कस्टम) प्रक्रिया पूरी करने के लिए कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) ले जाया जाएगा. इसके बाद इसे मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) के जरिए ओमान भेजा जाएगा. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली एपीडा (APEDA) ने इस निर्यात में कंपनी को कई तरह की सहायता प्रदान की है. एपीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कंपनी को AAHAR 2026 और Gulfood 2026 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेने का अवसर भी दिया. एपीडा के अनुसार, इन प्रयासों से वाराणसी क्षेत्र के उत्पादों को वैश्विक बाजार  में पहचान मिली है और विदेशी खरीदारों तक उनकी पहुंच बढ़ी है.

दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा

अधिकारियों का कहना है कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देगा. इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों, खासकर कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को ओमान के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है. इससे कृषि प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे.

प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की और खेप भी भेजी जाएंगी

एपीडा (APEDA) के अनुसार, आने वाले महीनों में ओमान के लिए अन्य प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों  की और खेप भी भेजी जाएंगी. यह खाड़ी देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग का संकेत है. भारत-ओमान CEPA के तहत भेजी गई पहली बिस्कुट खेप को पूर्वी उत्तर प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. साथ ही यह देश के गैर-पारंपरिक निर्यात केंद्रों से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए एपीडा के प्रयासों को भी मजबूती देगा.

खाड़ी देशों के साथ कारोबार

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब कृषि उत्पाद का निर्यात खाड़ी देशों में किया गया है. पिछले साल वाराणसी से मुख्य रूप से जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग प्राप्त प्रसिद्ध लंगड़ा आम का निर्यात किया गया था. हालांकि, ऐसे स्थानीय राजातालाब स्थित पेरिशेबल कार्गो सेंटर के जरिए हर साल बड़ी मात्रा में लंगड़ा आम विदेशों तक पहुंचाया जाता है. यह आम खाड़ी देशों, खासकर दुबई और शारजाह के साथ-साथ यूरोप के बाजारों, विशेष रूप से लंदन, में भी भेजा जाता है. अपने खास स्वाद और गुणवत्ता के कारण वाराणसी का लंगड़ा आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी लोकप्रिय है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़