सरकार ने गेहूं की स्टॉक लिमिट अगले साल तक बढ़ाई, 10 टन से ज्यादा स्टोर करने पर कार्रवाई

सरकार ने महंगाई और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए गेहूं की स्टॉक लिमिट मार्च 2026 तक बढ़ा दी है. व्यापारी तय सीमा से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे. उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी.

वेंकटेश कुमार
नोएडा | Updated On: 30 May, 2025 | 08:22 AM

केंद्र सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने और कालाबाजारी रोकने के लिए गेहूं की स्टॉक लिमिट अब अगले साल मार्च तक बढ़ा दी है. यानी अब देशभर में व्यापारी, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता और बड़े रिटेल चेन तय लिमिट से ज्यादा गेहूं स्टोर नहीं कर पाएंगे. यदि वे तय लिमिट से ज्यादा गेहूं का स्टॉक करते हुए पकड़े जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सरकार ने कहा है कि स्टॉक लिमिट की समय सीमा में बढ़ोतरी करने का मकसद खाद्य सुरक्षा बनाए रखना और जमाखोरी व अनावश्यक मुनाफाखोरी को रोकना है. अब व्यापारी और थोक विक्रेता 3,000 टन तक गेहूं रख सकते हैं. जबकि, खुदरा विक्रेताओं को हर दुकान पर 10 टन तक स्टॉक रखने की इजाजत है. वहीं, बड़ी रिटेल चेन भी हर आउटलेट पर 10 टन तक स्टॉक रख सकती हैं, लेकिन कुल स्टॉक उनकी दुकानों और डिपो की संख्या × 10 टन से ज्यादा नहीं हो सकता.

पोर्टल पर करना होगा अपडेट

इसी तरह प्रोसेसिंग यूनिट्स अपनी मासिक क्षमता का 70 फीसदी × वित्त वर्ष 2025-26 के बचे हुए महीनों के हिसाब से स्टॉक रख सकती हैं. कहा जा रहा है कि सरकार ने ये फैसला जमाखोरी और अनावश्यक मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने के लिए लिया है. खास बात यह है कि सभी गेहूं रखने वाले कारोबारियों को हर शुक्रवार को अपना स्टॉक विवरण https://evegoils.nic.in/wsp/login पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी है. यह पोर्टल जल्द ही https://foodstock.dfpd.gov.in पर शिफ्ट किया जाएगा.

नियम का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

अगर कोई व्यापारी इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं है या तय स्टॉक लिमिट का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिनके पास तय सीमा से ज्यादा गेहूं है, उन्हें यह स्टॉक नोटिफिकेशन के 15 दिनों के भीतर नियमों के अनुसार कम करना होगा. केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी इस पूरे नियम के पालन की सख्ती से निगरानी करेंगे, ताकि मार्केट गेहूं की कमी न हो.

298.17 लाख टन गेहूं की खरीद

केंद्र सरकार ने 27 मई 2025 तक राज्य एजेंसियों और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के जरिए 298.17 लाख टन गेहूं की खरीद की है, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त है. खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देशभर में गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने और इसकी आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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Published: 30 May, 2025 | 08:15 AM
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