दक्षिण अमेरिका से बिगड़ा मामला? भारत ने रद्द किया 1.30 लाख टन सोयाबीन तेल का आयात..जानें वजह
भारतीय आयातकों ने डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और विदेश-घरेलू सोयाबीन तेल की कीमत अंतर के कारण 1.30 लाख टन दक्षिण अमेरिकी सोयाबीन तेल के सौदे रद्द किए. दिसंबर 2025 में आयात 37 फीसदी बढ़ा. मध्य प्रदेश के किसानों को BBY योजना के तहत उचित मूल्य और लाभ मिला.
Soybean Import: भारतीय आयातकों ने दक्षिण अमेरिका से होने वाले करीब 1.30 लाख टन सोयाबीन तेल के आयात सौदे रद्द कर दिए हैं. इसकी मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और विदेशी व घरेलू सोयाबीन तेल की कीमतों में अंतर बताया जा रहा है. भारत को सोयाबीन तेल की आपूर्ति करने वाले प्रमुख दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील और अर्जेंटीना हैं. सनविन ग्रुप के सीईओ संदीप बजोरिया के अनुसार, भारत ने फरवरी, मार्च और अप्रैल की शिपमेंट के लिए करीब 45,000 टन सोयाबीन तेल के सौदे रद्द किए हैं, जबकि दिसंबर में लगभग 85,000 टन के सौदे रद्द किए गए थे. उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिकी सोयाबीन तेल घरेलू तेल की तुलना में करीब 35 डॉलर प्रति टन महंगा है, जिससे आयातकों पर लागत का दबाव बढ़ा है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, कीमतों की बात करें तो 22 जनवरी को सोयाबीन डिगम्ड क्रूड ऑयल की CIF कीमत 1,248 डॉलर प्रति टन रही. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) के मुताबिक दिसंबर में क्रूड सोयाबीन तेल की औसत CIF कीमत 1,188 डॉलर प्रति टन थी. वहीं 22 जनवरी को भारत में सोयाबीन तेल की कीमत क्रूड पाम ऑयल (CPO) से करीब 121 डॉलर प्रति टन ज्यादा दर्ज की गई. 22 जनवरी को डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 91.63 रुपये रही. दिसंबर 2025 में औसत दर 90.03 रुपये प्रति डॉलर थी, जबकि नवंबर 2025 में यह 88.84 रुपये रही. वहीं दिसंबर 2024 में औसत विनिमय दर 84.97 रुपये प्रति डॉलर थी, यानी एक साल में रुपये पर लगातार दबाव बढ़ा है.
बायोमास आधारित डीजल की मांग बढ़ी
दूसरी ओर, दिसंबर से सोयाबीन तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. इसकी बड़ी वजह अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) द्वारा 2026 और 2027 के लिए रिन्यूएबल फ्यूल स्टैंडर्ड बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे बायोमास आधारित डीजल की मांग बढ़ी है. इसके अलावा चीन द्वारा फरवरी के अंत तक 1.20 करोड़ टन अमेरिकी सोयाबीन खरीदने की प्रतिबद्धता ने भी कीमतों को सहारा दिया है.
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ब्राजील से करीब 98,500 टन आयात हुआ
भारत में दिसंबर 2025 के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 37 प्रतिशत बढ़ा. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के मुताबिक दिसंबर में आयात बढ़कर 5.05 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 3.71 लाख टन था. हालांकि नवंबर-दिसंबर 2025 की कुल खेप पिछले साल की समान अवधि से थोड़ी कम रही. इस दौरान अर्जेंटीना सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा, जहां से 5.92 लाख टन तेल आया. चीन से 1.05 लाख टन और ब्राजील से करीब 98,500 टन आयात हुआ.
करीब 16 लाख टन सोयाबीन बेचा
घरेलू स्तर पर मध्य प्रदेश के किसान सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना (BBY) का लाभ उठा रहे हैं. खरीफ 2025-26 सीजन में दिसंबर 2025 तक किसानों ने इस योजना के तहत करीब 16 लाख टन सोयाबीन बेचा है, जबकि राज्य सरकार ने 22 लाख टन की मंजूरी दी है. SEA के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने कहा कि भावांतर योजना के दोबारा लागू होने से किसानों, उद्योग और सरकार-तीनों के लिए फायदेमंद यानी ‘विन-विन’ स्थिति बनी है.