कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में धोखाधड़ी का आरोप, किसानों ने किया प्रदर्शन.. अनुबंध के बावजूद कंपनी नहीं खरीद रही आलू

पंजाब के नाभा में किसानों ने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सड़क जाम किया. किसानों का कहना है कि कंपनी ने 10 रुपये प्रति किलो पर आलू खरीदने का समझौता किया था, लेकिन फसल तैयार होने पर खरीद से इनकार कर दिया, जिससे सैकड़ों किसान संकट में हैं.

नोएडा | Updated On: 17 Feb, 2026 | 02:00 PM

Potato Farming: पंजाब के पटियाला जिला स्थित नाभा शहर से बड़ी खबर सामने आई है. किसानों ने उत्तर प्रदेश की एक कंपनी पर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. ऐसे में नाराज किसानों ने थोड़ी देर के लिए सड़क जाम कर दी. किसानों का कहना है कि कंपनी ने उनसे 10 रुपये प्रति किलो की तय कीमत पर आलू खरीदने का लिखित समझौता किया था और अपनी पसंद के बीज भी उन्हें दिए थे. किसानों के मुताबिक, जब फसल तैयार होने के बाद वे आलू बेचने पहुंचे, तो कंपनी ने खरीदने से इनकार कर दिया. उनका आरोप है कि जिस स्थानीय बिचौलिए के जरिए कंपनी ने उनसे संपर्क किया था, वही अब उन्हीं आलुओं को 4 से 4.5 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीद रहा है. किसानों ने समझौते के कागज भी दिखाए हैं.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नरमाना गांव के किसान निर्मल सिंह ने कहा कि उनका कंपनी के साथ 1,200 बोरी आलू का अनुबंध था. उनका आरोप है कि कंपनी ने पहले 600 बोरी खरीद लीं, लेकिन उसी खेत की बाकी फसल को बिना ठोस कारण बताकर लेने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि कंपनी ने हमें 45 किलो के एक बैग बीज के लिए 2,500 रुपये लिए थे और आलू को 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने का समझौता किया था. लेकिन अब जब बाजार में आलू की भरमार  है और किसानों के पास कम विकल्प हैं, तो कंपनी फसल लेने से इनकार कर रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि किसान मजबूरी में सस्ते दाम पर बेच देंगे.

किसानों का क्या है कंपनी के ऊपर आरोप

निर्मल सिंह ने कहा कि हमने करीब तीन महीने पहले यह फसल बोई थी. वहीं फम्मलवाल गांव के मलकीत सिंह ने कहा कि कंपनी ने बीज 52 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिए थे, लेकिन अब तैयार फसल लेने से इनकार कर रही है और उसे वापस लौटा रही है. किसानों का कहना है कि उन्हें बिचौलियों  के जरिए इस समझौते में जोड़ा गया था और अब वही बिचौलिए उनकी उपज को मजबूरी में बहुत कम दाम पर खरीद रहे हैं. उनका आरोप है कि इस तरह की व्यवस्था से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं.

800 किसानों को अपनी फसल की खरीद का है इंतजार

भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के किसान नेता दलजिंदर सिंह गुर्ना ने कहा कि करीब 800 किसान अपनी फसल की खरीद  का इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन से दखल देने की मांग की है. नाभा के डीएसपी गुरिंदर सिंह बाल ने पुष्टि की कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Published: 17 Feb, 2026 | 01:55 PM

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