मंडियों में बिचौलियों के दखल से किसान परेशान, धान खरीदी में हो रही हैं दिक्क्तें.. अन्नदाताओं में नाराजगी

ओडिशा के मलकानगिरी जिले की मंडियों में बिचौलियों के दखल से धान खरीद प्रभावित हो रही है. किसानों ने LAMPS अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं. वैध टोकन होने के बावजूद कई किसानों को उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 12:59 PM

Odisha Farmers: ओडिशा में धान किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मंडियों में बिचौलियों की संलिप्तता से किसान को उपज बेचने में दिक्कतें हो रही हैं. खास कर मल्कानगिरी जिले की कई मंडियों में बिचौलियों के दखल के मामले कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहे हैं. किसानों का कहना है कि LAMPS अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत के कारण धान खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और असली किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. आरोप है कि मंडियों में बिचौलिए खुलेआम सक्रिय हैं, जिससे पात्र किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का मौका नहीं मिल पा रहा है.

किसानों के मुताबिक, मलकानगिरी सदर ब्लॉक के एमवी-11 मंडी समेत जिले की कुछ अन्य खरीद केंद्रों पर बिचौलियों का दबदबा है. बुधवार को किसानों ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा किए, जिनमें कथित तौर पर मंडी परिसर में बिचौलियों को खुलेआम लेनदेन करते देखा जा सकता है. किसानों का दावा है कि वैध टोकन होने के बावजूद कई किसानों को धान बेचने नहीं दिया गया और LAMPS अधिकारियों से तीखी बहस के बाद ही कुछ को बिक्री की अनुमति मिली.

मंडियों को पूरी तरह बिचौलिया-मुक्त किया जाए

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बिचौलिए पंजीकृत किसानों के नाम पर एक से ज्यादा टोकन का इस्तेमाल कर धान बेच रहे हैं. सिंध्रिमल के सरपंच घासी नायक ने कहा कि मंडियों में बिचौलियों की बेलगाम मौजूदगी से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. उन्होंने मांग की कि मंडियों को पूरी तरह बिचौलिया-मुक्त किया जाए.

बिचौलियों की संलिप्तता से किसान परेशान

इस मामले पर संपर्क करने पर जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी लिंगराज बेहरा ने कहा कि अब तक बिचौलियों की संलिप्तता को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उसकी जांच की जाएगी और जरूरी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान खरीद लक्ष्य पूरा हो चुका है.

46,326 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में जिले में 46,326 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है. अब तक 22,357 किसानों से धान की खरीद की जा चुकी है. दो चरणों में तय 14.66 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 7,48,642.55 क्विंटल धान खरीदा गया है. किसानों के खातों में कुल 1,480.28 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं. बेहरा ने यह भी कहा कि जिले के मिलर्स, खासकर कालीमेला और कोरुकोंडा क्षेत्र में, नई सुरक्षा राशि जमा नहीं कर रहे हैं और गुणवत्ता का हवाला देकर धान खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं.

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