यूपी में सब्जी उगाने वालों की चांदी, सरकार दे रही प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये की सीधी सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार ने सब्जी उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. अब टमाटर, लौकी, भिंडी जैसी सब्जियों की खेती पर प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. इस कदम से खेती की लागत घटेगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 11:16 AM

UP Farmers Subsidy : उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी और काम की खबर है. अब सिर्फ गेहूं-धान ही नहीं, बल्कि सब्जी की खेती भी कमाई का मजबूत जरिया बनने जा रही है. यूपी सरकार ने सब्जी उगाने वाले किसानों को सीधी आर्थिक मदद देने का फैसला किया है. इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा. सरकार का मकसद साफ है-किसानों की आमदनी बढ़ाना और प्रदेश में सब्जी उत्पादन को नया बल देना. खास बात यह है कि पहले यह लाभ मुख्य रूप से फल-फूल की बागवानी तक सीमित था, लेकिन अब शाक-भाजी की खेती को भी इसमें शामिल कर लिया गया है.

कौन-सी योजना के तहत मिलेगा लाभ

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सब्सिडी मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास मिशन योजना के तहत दी जा रही है. यूपी सरकार इस योजना के जरिए किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है. सब्जी उत्पादन  से किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी मिलती है, इसलिए सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है. इस योजना का सीधा फायदा छोटे और मध्यम किसानों को मिलेगा, जो अब तक सीमित संसाधनों के कारण सब्जी की खेती बड़े स्तर पर नहीं कर पाते थे.

किन सब्जियों पर मिलेगी सब्सिडी

योजना के तहत कई तरह की सब्जियों को शामिल किया गया है. इनमें टमाटर, मिर्च, लौकी, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, बैंगन, भिंडी, गाजर, शलजम और ब्रोकली जैसी फसलें शामिल हैं. इन सब्जियों की बाजार  में हमेशा मांग रहती है, जिससे किसानों को फसल बेचने में परेशानी नहीं होगी. साथ ही सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर सब्जियों की उपलब्धता भी बढ़ेगी.

प्रति हेक्टेयर कितनी मिलेगी मदद

सब्जी की खेती पर आने वाली इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. इसका मतलब है कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक इस योजना का लाभ ले सकता है. यानी योग्य किसान को कुल मिलाकर अच्छी-खासी आर्थिक मदद मिल सकती है, जिससे बीज, खाद, सिंचाई और अन्य खर्चों का बोझ कम होगा.

किसे मिलेगा फायदा, कितना है लक्ष्य

यूपी सरकार ने इस योजना के लिए जिलेवार लक्ष्य तय किए हैं. कुल 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी की खेती  को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.
इसमें

  • 40 हेक्टेयर सामान्य किसानों के लिए
  • 10 हेक्टेयर अनुसूचित जाति के किसानों के लिए निर्धारित हैं

इससे यह साफ है कि सरकार हर वर्ग के किसानों को बराबर मौका देना चाहती है.

आवेदन कैसे करें, क्या है प्रक्रिया

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को हॉर्टिकल्चर पोर्टल  पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है.

  • पंजीकरण के बाद
  • पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किसानों का चयन होगा.
  • खेत और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा.
  • इसके बाद सब्सिडी की राशि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी.
  • इससे किसानों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पैसा सीधे उनके खाते में पहुंचेगा.

किसानों के लिए क्यों खास है यह योजना

यह योजना उन किसानों के लिए खास है, जो कम जमीन में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं. सब्जी की खेती से जल्दी फसल तैयार होती है और बाजार में दाम भी अच्छे मिलते हैं. सरकारी सब्सिडी  मिलने से जोखिम भी कम होगा. यूपी सरकार का यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को फायदे का सौदा बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है.

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