तंबाकू बोर्ड ने वित्त मंत्री से उत्पादों पर लगाए गए हाई टैक्स में कटौती करने की मांग की, कहा- संकट में है कारोबार

तंबाकू बोर्ड ने सिगरेट पर बढ़े टैक्स को लेकर सरकार से राहत की मांग की है. बोर्ड का कहना है कि ऊंचे करों से तंबाकू उद्योग संकट में है, किसानों की आय घट सकती है और अवैध सिगरेट कारोबार बढ़ने का खतरा है.

Kisan India
नोएडा | Published: 10 Feb, 2026 | 11:30 PM

तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन यशवंत कुमार चिदिपोथु ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए ऊंचे करों को कम करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर की अधिसूचना के बाद तंबाकू उत्पादों की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है, जिसका असर पूरे उद्योग के साथ-साथ लाखों किसानों और कामगारों पर पड़ा है.

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पत्र में कहा कि सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में अभूतपूर्व बढ़ोतरी से तंबाकू सेक्टर  की पूरी वैल्यू चेन संकट में आ गई है, जिससे किसान, मजदूर और छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित हो रही है. वाणिज्य मंत्रालय के तहत करीब 50 साल पहले गठित तंबाकू बोर्ड फ्ल्यू-क्योरड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू के उत्पादन को नियंत्रित करता है.

अवैध सिगरेट कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है

एफसीवी तंबाकू किसानों ने टैक्स बढ़ोतरी को लेकर तंबाकू बोर्ड से गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि टैक्स में तेज बढ़ोतरी से अवैध सिगरेट कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है, जो पहले से ही वैश्विक स्तर पर एक बड़ी समस्या बन चुका है. किसानों ने कहा कि 2014 में 22 प्रतिशत टैक्स बढ़ने से तंबाकू के दाम 20-30 रुपये प्रति किलो तक गिर गए थे. मौजूदा समय में उत्पादन लागत काफी बढ़ चुकी है और वैश्विक स्तर पर तंबाकू की अधिक आपूर्ति है, ऐसे में कीमतें 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक गिरने की आशंका है.

वैध कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी घटेगी

उन्होंने यह भी कहा कि जहां वैध कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी घटेगी, वहीं नौकरियां जाने और फैक्ट्रियां बंद होने का खतरा बढ़ेगा. इसके चलते उपभोक्ताओं को ऐसे उत्पाद मिल सकते हैं जो स्वास्थ्य नियमों और उम्र सत्यापन जैसी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं करते. उन्होंने कहा कि ज्यादा टैक्स और कीमतों  में बड़ा अंतर तस्करी को बढ़ावा देता है, खासकर तब जब कानून लागू करने की क्षमता सीमित हो. कमजोर सीमा सुरक्षा, बिखरी हुई निगरानी व्यवस्था और ट्रैकिंग-ट्रेसिंग के प्रभावी सिस्टम की कमी का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी नीतियों की खामियों का दुरुपयोग करते हैं.

तंबाकू से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को बड़ी राहत दी थी

वहीं, पिछले हफ्ते खबर सामने आई थी कि केंद्र सरकार ने तंबाकू किसानों और तंबाकू से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने कच्चे तंबाकू पर लगाया गया 18 प्रतिशत उत्पाद शुल्क हटा दिया है. यह फैसला 1 फरवरी को जारी गजट अधिसूचना के जरिए किया गया था. यह शुल्क 31 दिसंबर 2025 को लगाया गया था, जिसे अब सरकार ने रद्द कर दिया है. अधिसूचना के अनुसार, कोई भी शुल्क उन कच्चे तम्बाकू या तम्बाकू की बर्बादी (tobacco refuse) पर नहीं लगेगा, जो ब्रांड नाम के साथ नहीं है और खुदरा बिक्री के लिए पैक नहीं किया गया है. बजट से कुछ दिन पहले, तम्बाकू बोर्ड के अध्यक्ष यशवंत चिदिपोथु और भाजपा सांसद डी. पुरंधेश्वरी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर टैक्स कम करने की मांग की थी.

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Published: 10 Feb, 2026 | 11:30 PM

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