केंद्र ने दी बड़ी राहत, कच्चे तम्बाकू पर हटा 18 फीसदी उत्पाद शुल्क, क्या अब सस्ती होगी सिगरेट?

केंद्र सरकार ने तम्बाकू किसानों और उद्योगों को राहत देते हुए कच्चे तम्बाकू पर 18 फीसदी उत्पाद शुल्क हटा दिया. बजट से पहले तम्बाकू बोर्ड और सांसदों ने टैक्स कम करने की मांग की थी. इससे सिगरेट की कीमतों पर असर कम होगा. सिगरेट पर लंबाई के आधार पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ.

Kisan India
नोएडा | Published: 2 Feb, 2026 | 03:51 PM

Tobacco Farmer: केंद्र सरकार ने तम्बाकू किसानों और तम्बाकू से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को बहुत बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने कच्चे तम्बाकू पर 18 प्रतिशत उत्पाद शुल्क (excise duty) हटाने का फैसला किया है. सरकार ने यह घोषणा 1 फरवरी को अधिसूचना (gazette notification) के माध्यम से की है. यह शुल्क 31 दिसंबर 2025 को लगाया गया था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है.

अधिसूचना के अनुसार, कोई भी शुल्क उन कच्चे तम्बाकू  या तम्बाकू की बर्बादी (tobacco refuse) पर नहीं लगेगा, जो ब्रांड नाम के साथ नहीं है और खुदरा बिक्री के लिए पैक नहीं किया गया है. बजट से कुछ दिन पहले, तम्बाकू बोर्ड के अध्यक्ष यशवंत चिदिपोथु और भाजपा सांसद डी. पुरंधेश्वरी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर टैक्स कम करने की मांग की थी.

तंबाकू किसानों ने चिंता जताई

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों ने चिंता जताई कि अगर सरकार 1 फरवरी 2026 तक कोई फैसला नहीं करती, तो अतिरिक्त कर लागू हो जाएगा और उन पर भारी बोझ पड़ेगा. एक किसान ने कहा कि इससे सिगरेट की कीमत बढ़ सकती है और लोग गैरकानूनी सिगरेट की ओर रुख कर सकते हैं. हालांकि, सिगरेट की लंबाई के आधार पर लगाए गए टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद महंगे हो गए

वहीं, एक फरवरी से सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पाद  महंगे हो गए हैं. सरकार ने इन्हें ‘सिन प्रोडक्ट’ (अवैध और हानिकारक उत्पाद) मानते हुए नया कर ढांचा लागू किया है, जिससे इन पर कर ज्यादा लगेगा और उनका नियंत्रण कड़ा होगा. अब इन उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (excise duty) के साथ पान मसाला पर नया स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस भी लगाया जाएगा. यह नया कर ढांचा पुराने सिस्टम की जगह लेगा, जिसमें इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत GST और जुलाई 2017 से लागू क्षतिपूर्ति सेस लगता था.

गैर-मानक सिगरेट पर उत्पाद शुल्क

नए नियमों के अनुसार, अब विशेष या गैर-मानक सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 1,000 सिगरेट के लिए 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक होगा. कुछ श्रेणियों में यह 11,000 रुपये तक भी जा सकता है, जो सिगरेट की लंबाई और किस्म पर निर्भर करेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, छोटे गैर-फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर प्रति सिगरेट लगभग 2.05 रुपये का उत्पाद शुल्क लगेगा, जबकि उसी लंबाई की छोटे फिल्टर सिगरेट पर यह लगभग 2.10 रुपये प्रति सिगरेट होगा. मध्यम लंबाई की सिगरेट पर लगभग 4 रुपये प्रति सिगरेट और लंबी सिगरेट पर लगभग 5.40 रुपये प्रति सिगरेट का कर लगेगा.

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