गेहूं-धान के साथ शुरू करें ‘ब्रेन बूस्टर मशरूम’ की खेती.. बाजार में 10000 रुपये किलो तक मिलता है भाव

Mushroom Ki Kheti: कम लागत, कम जगह और कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली मशरूम की खेती किसानों के लिए नई उम्मीद बन रही है. खासतौर पर लायंस मेन मशरूम, जिसे ‘ब्रेन बूस्टर मशरूम’ कहा जाता है, अपने औषधीय गुणों और ऊंची बाजार कीमत के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 2 Feb, 2026 | 02:21 PM

Mushroom Framing: आज के समय में किसान सिर्फ गेहूं-धान जैसी पारंपरिक फसलों के खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहते. बढ़ती लागत, मौसम की मार और कम मुनाफे ने किसानों को नए विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है. ऐसे में मशरूम की खेती एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आई है, जिससे कम लागत, कम जगह और कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. खास बात यह है कि इस मशरूम की खेती घर, कमरे, शेड या छोटे से गोदाम में भी आसानी से की जा सकती है. वहीं, बढ़ती हेल्थ अवेयरनेस और शाकाहारी प्रोटीन की बढ़ती मांग के कारण बाजार में मशरूम की डिमांड लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि अब किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मशरूम उत्पादन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.

क्या है लायंस मेन मशरूम?

मशरूम की कई किस्में होती हैं, लेकिन लायंस मेन मशरूम (Lion’s Mane Mushroom) की बात ही कुछ अलग है. इसे वैज्ञानिक भाषा में हेरिशियम एरिनेसियस (Hericium erinaceus) कहा जाता है. यह मशरूम आज दुनिया भर में अपने औषधीय गुणों, पोषण तत्वों और ऊंचे बाजार भाव के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

लायंस मेन मशरूम आकार में बड़ा होता है और इसका वजन आधा किलो तक हो सकता है. इसकी बनावट शेर की अयाल (Lion’s Mane) जैसी दिखती है, इसी वजह से इसे यह नाम दिया गया है. अन्य मशरूम की तरह इसमें गिल्स नहीं होते, बल्कि इसके नीचे दांत जैसी संरचनाएं होती हैं, जिनसे बीजाणु निकलते हैं. यह मशरूम आमतौर पर सड़ी हुई लकड़ियों और पुराने पेड़ों पर उगता है. प्राकृतिक रूप से यह एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में पाया जाता है, लेकिन अब आधुनिक तकनीक से इसकी खेती नियंत्रित माहौल में भी की जा रही है.

क्यों कहा जाता है इसे ‘ब्रेन बूस्टर मशरूम’?

आईसीएआर (ICAR) और कई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, लायंस मेन मशरूम को दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद जैव-सक्रिय तत्व दिमाग की कोशिकाओं यानी न्यूरॉन्स के विकास में मदद करते हैं.

Benefits Of Lions Mane Mushroom

लायंस मेन मशरूम के फायदे (Photo Credit: Canva)

यह मशरूम याददाश्त बढ़ाने, एकाग्रता सुधारने और नर्वस सिस्टम को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा यह स्ट्रेस, तनाव और अवसाद को कम करने में भी मददगार हो सकता है. कुछ रिसर्च में इसे अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने वाला भी बताया गया है.

लायंस मेन मशरूम की खेती कैसे होती है?

लायंस मेन मशरूम की खेती करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसे खास तरह के प्लास्टिक बैग (पॉली बैग) में उगाया जाता है. इसके लिए सबसे पहले खाद तैयार की जाती है, जिसमें

  • लगभग 80% चौड़ी पत्ती वाले पेड़ों का बुरादा,
  • 20% गेहूं की चोकर
  • और थोड़ा सा चूना मिलाया जाता है.

इस मिश्रण को पानी में भिगोकर अच्छे से साफ किया जाता है, ताकि फंगस या बीमारी न लगे. इसके बाद इसमें स्पॉन (मशरूम का बीज) मिलाया जाता है. अब इन थैलों को 23 से 25 डिग्री तापमान वाली जगह पर रख दिया जाता है. करीब 40 से 50 दिन में बैग के अंदर सफेद जाल जैसा फैलाव हो जाता है और फिर मशरूम निकलना शुरू हो जाता है.

फलन के समय किन बातों का रखें ध्यान?

जब मशरूम निकलने लगता है, उस समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी होता है:

  • तापमान: 18 से 22 डिग्री सेल्सियस
  • नमी: 80 से 85 प्रतिशत
  • रोशनी: बहुत तेज रोशनी की जरूरत नहीं होती

जब मशरूम के सफेद बाल नीचे की तरफ लटकने लगते हैं, तब समझ लें कि यह कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

बाजार में कीमत और इस्तेमाल

लायंस मेन मशरूम की बाजार में 8,000 से 10,000 रुपये प्रति किलो तक कीमत मिल जाती है. इसका इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है:

  • सब्जी बनाकर
  • तलकर
  • सुखाकर पाउडर बनाने में
  • कैप्सूल और जूस के रूप में

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

सर्दियों में गुड़ का सेवन क्यों अधिक किया जाता है?