Chia Seeds Farming : आज के समय में किसान सिर्फ गेहूं-धान तक सीमित नहीं रहना चाहते. बढ़ती महंगाई और लागत के बीच अब नजर उन फसलों पर है, जिनसे कम समय में ज्यादा कमाई हो सके. ऐसी ही एक फसल है चिया सीड्स. सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इसे सुपर फूड बना दिया है. यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. अगर सही तरीके से खेती की जाए, तो चिया सीड्स किसानों के लिए कमाई का शानदार जरिया बन सकती है.
क्यों बढ़ रही है चिया सीड्स की मांग?
चिया सीड्स को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें ओमेगा फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. लोग वजन कंट्रोल, दिल की सेहत और पाचन सुधारने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं. भारत के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि बाजार में चिया सीड्स की कीमत अच्छी मिलती है और किसान इसे मुनाफे की फसल मान रहे हैं.
चिया सीड्स की खेती के लिए मौसम और मिट्टी कैसी हो?
इसकी खेती के लिए बहुत ज्यादा ठंड या ज्यादा नमी वाला मौसम सही नहीं होता. सामान्य तापमान वाले इलाकों में इसकी खेती आसानी से की जा सकती है. पहाड़ी और बहुत ठंडे क्षेत्रों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में चिया की खेती संभव है. मिट्टी की बात करें तो हल्की, भुरभुरी और पानी की अच्छी निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए, वरना फसल खराब हो सकती है.

चिया सीड्स की खेती
बुवाई का सही तरीका
चिया सीड्स की बीजों की बुवाई लाइन में करना ज्यादा फायदेमंद होता है. एक लाइन से दूसरी लाइन की दूरी करीब 30 सेंटीमीटर रखें और बीजों को 1.5 सेंटीमीटर गहराई में बोएं. एक एकड़ खेत में करीब 1 से 1.5 किलो बीज काफी होते हैं. बुवाई से पहले बीजों को फफूंदनाशक दवा से उपचारित कर लें, ताकि रोगों से बचाव हो सके. अगर खेत में नमी कम हो, तो हल्की सिंचाई करके बुवाई करें.
खाद, सिंचाई और देखभाल कैसे करें?
अच्छे पैदावार के लिए खेत की तैयारी बहुत जरूरी है. खेत की 2-3 बार जुताई करके मिट्टी को भुरभिरी बना लें. खाद की बात करें तो एक एकड़ में करीब 10 टन सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालें. इसके साथ जरूरत के अनुसार सामान्य उर्वरक का प्रयोग किया जा सकता है. चिया की फसल में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. ज्यादा सिंचाई करने से पौधे गिर सकते हैं. इसलिए जरूरत के हिसाब से ही पानी दें और जलभराव से बचें. खरपतवार नियंत्रण के लिए 30-40 दिन बाद निराई-गुड़ाई करें. इससे फसल की बढ़वार अच्छी होती है.

बुवाई का सही तरीका.
कटाई, पैदावार और कमाई का पूरा हिसाब
चिया सीड्स की फसल करीब 110 से 115 दिन में पककर तैयार हो जाती है. जब पौधे सूखने लगें, तब कटाई कर लें. पौधों को 5-6 दिन धूप में सुखाकर बीज अलग किए जाते हैं. एक एकड़ खेत से करीब 5 से 6 क्विंटल चिया सीड्स का उत्पादन हो सकता है. बाजार में चिया सीड्स की कीमत लगभग 500 से 600 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है. इस हिसाब से किसान एक एकड़ से 2.5 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. खर्च निकालने के बाद भी अच्छा मुनाफा बचता है, यही वजह है कि चिया सीड्स को फायदे की फसल माना जा रहा है.