मजदूरी करने वाली महिलाओं ने शुरू की चिया सीड की खेती, 900 रुपये में बिकता है बीज.. खूब हो रही कमाई

Chia Seed Farming: मध्य प्रदेश के ग्राम जलकुआं में तीन महिलाओं ने तीन एकड़ में चिया सीड की खेती शुरू की थी, जो आज 600 एकड़ तक पहुंच गई है. एफपीओ के जरिए महिला किसानों को उन्नत बीज मिले हैं और उपज की बिक्री भी करने का रास्ता साफ हुआ है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 23 Jan, 2026 | 03:22 PM

Madhya Pradesh Women Farmers: गांवों की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर चिया सीड की खेती की शुरुआत कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में कामयाबी हासिल की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में महिलाएं बड़े पैमाने पर चिया सीड की खेती कर रही हैं. कई महिलाएं पहले दूसरों के खेतों में मजदूरी करती थीं, वो भी अब खुद चिया की फसल उगा रही हैं. बाजार में चिया की बिक्री 900 रुपये प्रति किलो हो रही है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिला है.

मध्य प्रदेश की महिलाओं ने चिया सीड खेती से बदली तकदीर

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पंधाना और खालवा क्षेत्र की करीब ढाई से तीन सौ महिलाएं मां गायत्री स्वयं सहायता समूह से जुड़कर चिया सीड की खेती कर रही हैं और उन्होंने इसमें सफलता भी हासिल की है. ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत योजना का लाभ लेकर महिलाओं ने पारंपरिक खेती से हटकर चिया सीड की खेती की है. महिला किसान माया देवी ने कहा कि जो महिलाएं पहले खेतों में मजदूरी करती थीं, वे आज खुद की खेती कर लाखों रुपये का उत्पादन कर रही हैं.

3 एकड़ में हुई थी शुरुआत अब 600 एकड़ में हो रही खेती

महिला किसानों ने कहा कि तीन वर्ष पूर्व ग्राम जलकुआं में तीन महिलाओं ने तीन एकड़ में चिया सीड की खेती शुरू की थी, जो आज 500 से 600 एकड़ तक पहुंच चुकी है. कृषि नमामि आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के मार्गदर्शन से महिलाओं को बाजार और उचित मूल्य मिला है. यह एफपीओ चिया सीड की खरीद करता है, जिससे महिला किसानों को उपज की बिक्री करने की भी चिंता नहीं रहती है.

रबी सीजन की फसल चिया सीड कटने के लिए तैयार

मध्य प्रदेश में महिलाओं ने रबी सीजन में चिया सीड की खेती की है. इसकी खेती के लिए हल्की, दोमट या रेतीली मिट्टी सही रहती है. बुवाई अक्टूबर–नवंबर में की जाती है और बीज की मात्रा लगभग 2-3 किलो प्रति एकड़ होती है. चिया की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, इसलिए कम सिंचाई में भी अच्छी पैदावार मिल जाती है. यह फसल लगभग 90–120 दिन में तैयार हो जाती है. पकने पर पौधे सूखने लगते हैं, तब कटाई कर बीज निकाल लिए जाते हैं.

chia seeds farmers in Khandwa madhya pradesh

महिला किसान माया देवी ने चिया सीड की खेती की है.

एक एकड़ में 5 क्विंटल तक मिलती है पैदावार

चिया सीड की पैदावार मिट्टी, मौसम, किस्म और खेती के तरीके पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर एक एकड़ खेत से 3 से 5 क्विंटल (300–500 किलो) चिया सीड की उपज मिल जाती है. अगर मिट्टी उपजाऊ हो, समय पर बुवाई की जाए और सही मात्रा में खाद-सिंचाई मिले, तो अच्छी खेती की स्थिति में पैदावार 5 से 6 क्विंटल प्रति एकड़ तक भी पहुंच सकती है। वहीं, कम देखभाल या खराब मौसम की स्थिति में उत्पादन इससे कम भी हो सकता है।

बाजार में 900 रुपये किलो बिकता है चिया सीड

चिया सीड की बाजार कीमत मांग और क्वालिटी पर निर्भर करती है. आमतौर पर किसान चिया सीड 300 रुपये से 600 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचते हैं. कुछ जगहों पर ऑर्गेनिक या अच्छी गुणवत्ता वाले चिया सीड का दाम 700–900 रुपये प्रति किलो तक भी मिलता है. थोक मंडी में कीमत थोड़ी कम होती है, जबकि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी पोषक तत्वों से लैस होने के चलते प्रोसेसिंग यूनिट या हेल्थ फूड कंपनियों को बेचने पर किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है.

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