छत्तीसगढ़ में तीन साल में खरीदा गया 4 लाख टन धान, किसानों को मिले 1.50 लाख करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को दी जा रही PM-Kisan सम्मान निधि के तहत 6,000 रुपये सालाना सहायता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार के राज्य बजट में कृषि के लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो सरकार की किसानों के कल्याण के प्रति संवेदनशीलता को दिखाता है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 Mar, 2026 | 12:23 PM

Chhattisgarh Agriculture News: छत्तीसगढ़ में धान की बंपर खरीदी हुई है. इसके एवज में किसानों के खातों में समय पर भुगतान भी किया जा रहा है. बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों की मेहनत और समस्याओं को समझते हैं. पिछले तीन सालों में 4 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए. वहीं इस सीजन के लिए मुख्यमंत्री ने विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना के तहत 25.28 लाख धान किसानों किसानों के बैंक खातों में सीधे 10,324 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए है. सरकार को उम्मीद है कि इस राशि से किसानों को काफी फायदा होगा.

खास बात यह है कि 25.28 लाख किसानों में से केवल बिलासपुर जिले के 1,25,352 किसानों के खातों में 494.38 करोड़ रुपये जमा किए गए. इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह दिन किसानों के सम्मान और योगदान का उत्सव है. उन्होंने कहा कि इस सत्र में 25 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचा और कृषक उन्नति योजना  के तहत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किए गए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने होली से पहले राशि ट्रांसफर की, ताकि किसान खुशी और गरिमा के साथ त्योहार मना सकें.

किसान-मित्र का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार किसान-मित्र है और इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है. उन्होंने बताया कि इस साल किसानों को गन्नी बैग की कोई कमी नहीं हुई और उन्हें भुगतान समय पर मिला. सरकार 0 फीसदी ब्याज पर कृषि ऋण  भी देती है, और लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का लाभ उठा रहे हैं.

भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धान के लिए छत्तीसगढ़ में सबसे उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाता है. साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है. दीर्घकालीन कृषि समृद्धि के लिए उर्वरकों पर सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं.

किसानों को मिलता है 6,000 रुपये सालाना सहायता

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को दी जा रही PM-Kisan सम्मान निधि के तहत 6,000 रुपये सालाना सहायता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस बार के राज्य बजट में कृषि के लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो सरकार की किसानों के कल्याण के प्रति संवेदनशीलता को दिखाता है. खेतों में पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी प्राथमिकता में है.

मुख्यमंत्री ने 7 पूरी हुई परियोजनाओं का उद्घाटन किया

वहीं, योजना की राशि जारी करने के बाद मुख्यमंत्री ने 7 पूरी हुई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनकी कुल लागत 15.99 करोड़ रुपये थी और 82 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनका मूल्य 247.18 करोड़ रुपये है. कुल मिलाकर 89 विकास परियोजनाओं का मूल्य 263.17 करोड़ रुपये है, जिनसे क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

किसानों को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी जाएगी

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों के खातों में 10,300 करोड़ रुपये से अधिक के सीधे भुगतान को ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने फसल विविधीकरण को अपनाने की सलाह दी और कहा कि दालें और तिलहन धान से अधिक लाभदायक हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी योजना बनाई जा रही है. इसी तरह कृषि उत्पादन  आयुक्त शहला निगार ने कहा कि कृषक उन्नति योजना का उद्देश्य किसानों की आजीविका मजबूत करना और आर्थिक स्थिति सुधारना है. 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी जाएगी. उन्होंने धान के साथ दाल और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया.

 

 

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Published: 2 Mar, 2026 | 12:19 PM

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