कौड़ियों में जमीन बिकने से चर्चा में आई कैलारस चीनी मिल की CM ने ली सुध, फिर से चालू कराने का ऐलान

Kailaras Sugar Factory Morena : कैलारस चीनी मिल कई सालों से बंद होने के बाद 439 करोड़ से ज्यादा की जमीन 61 करोड़ में बेचे जाने से चर्चा में है. भारतीय किसान संघ ने सरकार से इस पर रोक नहीं लगाने पर 7 सितंबर के बाद आंदोलन की चेतावनी दी थी. इसके पहले ही सीएम ने मिल को फिर से शुरू कराने की घोषणा कर दी है.

नोएडा | Published: 4 Sep, 2026 | 07:48 PM

बदइतजामी के चलते कई सालों से बंद पड़ी मध्य प्रदेश के मुरैना की कैलारस चीनी मिल कीमती जमीन को कौड़ियों के भाव बेचे जाने के बाद से चर्चा में है. चीनी मिल के मामले पर स्थानीय कांग्रेस विधायक ने भी धरना प्रदर्शन किया और भारतीय किसान संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है. मामला इतना बढ़ा कि सीएम मोहन यादव के पास पहुंच गया. सीएम ने किसानों से वादा करते हुए कहा है कि कैलारस चीनी मिल फिर से शुरू कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कैलारस चीनी मिल फिर से शुरू कराने का वादा किया

मुख्यमंत्री मोहन यादव यादव शुक्रवार को मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा है कि कैलारस शुगर फैक्ट्री को फिर से प्रारंभ कराया जाएगा. इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. हालांकि, उन्होंने कब से शुरू करने या जांच कराने के संबंध में अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी. लेकिन, चीनी मिल को फिर से शुरू कराने के वादे से स्थानीय गन्ना किसानों में खुशी की लहर है.

439 करोड़ की जमीन को 61 करोड़ में बेचने का मामला गरमाया

कैलारस शुगर फैक्ट्री मुरैना मामले में मध्य प्रदेश सरकार पर भारतीय किसान संघ ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बीते सप्ताह कहा है कि पहले इसे चालू कराने का भरोसा दिया गया था. लेकिन, सरकार ने किसानों और किसान संगठनों को बरगलाते हुए पीछे से चीनी मिल की जमीन को एमएसएमई विभाग को कौड़ियों के भाव में बेच दी. भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत ने कहा कि चीनी मिल की 12 एकड़ से ज्यादा जमीन है और इसकी वैल्यू 439 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. लेकिन, सरकार ने एमएसएमई विभाग को मात्र 61 करोड़ रुपये में यह जमीन सौंप दी है.

सीएम ने गन्ना किसानों के भरोसे को तोड़ा

​भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा कि 17 जुलाई 2026 को संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के. साइ रेड्डी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर कैलारस चीनी मिल को चलाने या दूसरा उपाय बताते हुए ज्ञापन सौंपा था. कहा कि मुख्यमंत्री ने मौखिक आश्वासन दिया था कि कैलारस शक्कर कारखाना की भूमि को एमएसएमई (MSME) को देने का निर्णय रद्द किया जाएगा और कारखाने को सहकारिता में पुनर्जीवित करने के लिए समिति गठित होगी.

किसानों की संपत्ति किसानों को सौंपे सरकार- के साई रेड्डी

भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साई रेड्डी ने जारी बयान में कैलारस गन्ना शुगर फैक्ट्री (मुरैना) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ किसान संघ आंदोलन करेगा और हमारा नारा होगा हमारी संपत्ति हमको दीजिए. संगठन ने राज्य सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात और वादाखिलाफी करने का गंभीर आरोप लगाया है.

बीकेएस प्रतिनिधिमंडल ने बीते सप्ताह कैलारस चीनी मिल का दौरा किया था.

सरकार तुरंत आदेश रद्द करे, नहीं तो ​आंदोलन होगा

​किसान संघ ने कहा कि यदि सरकार एमएसएमई (MSME) के इस आदेश को तत्काल निरस्त नहीं करती है, तो संगठन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा तथा किसान हित में न्यायालयीन कार्रवाई के लिए बाध्य होगा. आंदोलन पर 7 सितंबर को हरदा की बैठक में चर्चा होगी. सरकार ने शुक्रवार को एमएसएमई विभाग से ईओआई टेंडर जारी कर फैक्टरी के शेयर होल्डर किसानों से धोखा किया. 439 करोड़ रुपए की संपत्ति को सरकार ने 60.92 करोड़ रुपए में एमएसएमई को सौंप दिया.

गन्ना फैक्ट्री चालू कराने के लिए सीएम से मिलकर डेडलाइन लेगा किसान संघ

इससे पहले ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैलारस चीनी मिल को फिर से चालू करने का वादा करके किसान संगठनों और विपक्ष को शांत करने की कोशिश की है. हालांकि, भारतीय किसान संघ ने कहा कि 7 सितंबर की बैठक के बाद सीएम से मुलाकात कर चीनी फैक्ट्री चालू कराने संबंधी डेडलाइन ली जाएगी.

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