उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. सीएम योगी ने पशु चिकित्सा क्षेत्र को विस्तार देने के लिए इस सेक्टर में इंटर्नशिप कर रहे युवाओं के लिए भत्ता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. पशु चिकित्सा इंटर्न को सरकार की ओर से दिए जा रहे भत्ते में 8 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी गई है. पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवा और प्रोफेशनल्स पशुओं के स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे काम में और तेजी लाने के साथ ही इंटर्न को प्रोत्साहित करने की मांग की जा रही थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है.
मेट्रो विस्तार और सेनानियों को कैशलेस इलाज के प्रस्ताव को मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसके चलते सबकी नजरें फैसलों पर टिकी हुई थीं. यूपी कैबिनेट की इस बैठक में ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही लखनऊ और आगरा मेट्रो विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण करने को भी मंजूरी दी गई है. वहीं, लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस इलाज सुविधा देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है.
पिछड़ा आयोग के गठन को मंजूरी से पंचायत चुनावों का रास्ता खुला
यूपी कैबिनेट की बैठक में ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है. योगी कैबिनेट ने यूपी पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का निर्णय कर बड़ी समस्या दूर कर दी है. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि जुलाई के अंत तक पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं.
अब ओबीसी आयोग ही यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा को तय करेगा. यूपी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ओबीसी आयोग सभी 75 जिलों में बैठक के बाद जातिवार और आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद आपत्तियां ली जाएंगी और फिर फाइनल अपडेट सरकार को सौंपी जाएगी.
यूपी में पशु चिकित्सा में कितने इंटर्न काम कर रहे हैं
उत्तर प्रदेश में पशु चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों का मासिक इंटर्नशिप भत्ता 8 हजार रुपये बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है. चिकित्सा इंटर्न के लिए वर्तमान में 4,000 रुपये भत्ता दिया जा रहा था जो अब बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश में पशु चिकित्सा से संबंधित 5 से ज्यादा सरकारी कॉलेज हैं, जहां पर बड़ी संख्या में युवाओं को इंटर्न के तौर पर रखा जाता है, जो सरकार पशु चिकित्सा संबंधी कार्यों को पूरा करते हैं. सरकारी पशु योजनाओं, टीकाकरण, जांच आदि कार्यों को पूरा कराते हैं. भत्ता बढ़ने से पशु चिकित्सा कार्यों में तेजी आएगी.