सरकार के फैसले से कपास आयात को मिला बढ़ावा, 65 लाख गांठ पहुंच सकता है इंपोर्ट.. टेक्सटाइल इंडस्ट्री को फायदा

कपास आयात पर ड्यूटी हटने के बाद 2025-26 सीजन में आयात 60-65 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है. CAI के मुताबिक मई अंत तक 43.5 लाख गांठ कपास आयात हो चुकी थी. बढ़ते आयात से कपास का क्लोजिंग स्टॉक 85.59 लाख गांठ रहने की संभावना है, जबकि टेक्सटाइल मिलें बेहतर रिटर्न के कारण आयातित कपास को प्राथमिकता दे रही हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 12 Jun, 2026 | 08:02 AM

Cotton Export: सरकार के एक फैसले से देश के कपास कारोबार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कपास आयात पर ड्यूटी हटाए जाने के बाद विदेशी कपास की आवक बढ़ने की उम्मीद है. उद्योग से जुड़े संगठनों के अनुसार, 2025-26 सीजन में कपास का आयात 60-65 लाख गांठ तक पहुंच सकता है. इससे न केवल टेक्सटाइल उद्योग को बेहतर गुणवत्ता की कपास मिलेगी, बल्कि अगले सीजन की शुरुआत में कपास का स्टॉक भी काफी बढ़कर 85 लाख गांठ से ज्यादा होने का अनुमान है.

विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क में छूट मिलने से टेक्सटाइल मिलों को पर्याप्त मात्रा में और अच्छी गुणवत्ता की कपास  मिल सकेगी, जिससे उद्योग की कच्चे माल की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी. वहीं, अधिक आयात के कारण अगले सीजन के लिए कपास का उपलब्ध स्टॉक भी मजबूत रहेगा. सरकार द्वारा कपास आयात पर ड्यूटी में छूट दिए जाने के बाद चालू 2025-26 विपणन सत्र में कपास का आयात उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ सकता है. भारतीय कपास संघ (CAI) के अनुसार, मई 2026 के अंत तक देश में 43.5 लाख गांठ कपास का आयात हो चुका था, जो पिछले साल की समान अवधि के 33 लाख गांठ के मुकाबले करीब 32 प्रतिशत अधिक है.

47 लाख गांठ आयात का अनुमान

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, CAI ने पहले चालू सीजन (सितंबर 2026 तक) के लिए 47 लाख गांठ आयात का अनुमान लगाया था. हालांकि, हाल ही में आयात शुल्क हटाए जाने के बाद यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है. CAI की फसल समिति के अध्यक्ष अतुल एस गणात्रा ने कहा कि मई के अंत तक 43.5 लाख गांठ कपास भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुकी थी. ड्यूटी छूट के बाद करीब 15 लाख गांठ अतिरिक्त कपास आयात होने की संभावना है. ऐसे में चालू सीजन में कुल कपास आयात 60 से 65 लाख गांठ तक पहुंच सकता है.

बेहतर गुणवत्ता की कपास उपलब्ध होगी

उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि बढ़ते आयात से वस्त्र उद्योग को बेहतर गुणवत्ता की कपास उपलब्ध होगी और कच्चे माल की कमी की आशंका भी कम होगी. कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025-26 सीजन के लिए देश के कपास उत्पादन का अनुमान 334 लाख गांठ पर बरकरार रखा है. CAI के अनुसार, मई 2026 के अंत तक 322.35 लाख गांठ कपास की प्रेसिंग (जिनिंग और पैकिंग) का काम पूरा हो चुका था.

कपास आयात तेजी से बढ़ रहा है

संस्था ने चालू सीजन में कपास निर्यात का अनुमान  10 लाख गांठ लगाया है. वहीं, 2025-26 सीजन के अंत में कपास का क्लोजिंग स्टॉक 85.59 लाख गांठ रहने का अनुमान है. यह पिछले सीजन के अनुमानित 60 लाख गांठ स्टॉक से करीब 25 लाख गांठ अधिक है. CAI की फसल समिति के अध्यक्ष अतुल एस गनात्रा ने कहा कि कपास के भंडार में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से आयात बढ़ने की वजह से होगी. सरकार द्वारा आयात शुल्क में छूट दिए जाने के बाद देश में कपास आयात तेजी से बढ़ रहा है.

4 प्रतिशत अधिक रिटर्न मिलता है

उन्होंने कहा कि फिलहाल घरेलू और आयातित कपास की कीमतें लगभग समान हैं, लेकिन इसके बावजूद टेक्सटाइल मिलें आयातित कपास को प्राथमिकता दे रही हैं. इसकी वजह यह है कि आयातित कपास से सूत (यार्न) बनाने पर मिलों को करीब 4 प्रतिशत अधिक रिटर्न मिलता है, जिससे उनका मुनाफा बढ़ता है. टेक्सटाइल मिलें घरेलू कपास की तुलना में आयातित कपास को अधिक पसंद कर रही हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि आयातित कपास से तैयार होने वाले सूत (यार्न) को बाजार में करीब 7 रुपये प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त भाव (प्रीमियम) मिल रहा है.  ऐसे में दोनों प्रकार की कपास की कीमतें लगभग समान होने के बावजूद आयातित कपास मिलों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो रही है.

देश में कुल कपास भंडार 191.44 लाख गांठ

वहीं, मई 2026 के अंत तक देश में कुल कपास भंडार  191.44 लाख गांठ आंका गया है. इसमें से लगभग 82 लाख गांठ कपास टेक्सटाइल मिलों के पास मौजूद है. शेष स्टॉक भारतीय कपास निगम (CCI), व्यापारियों, जिनिंग इकाइयों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पास रखा हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते आयात के कारण आने वाले महीनों में कपास की उपलब्धता और मजबूत बनी रहेगी.

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Published: 12 Jun, 2026 | 07:54 AM

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