Cotton Productivity Mission: केंद्र सरकार ने कपास किसानों के हित में आज बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘कपास उत्पादकता मिशन’ को मंजूरी दी है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह फैसला किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही SCO देशों के साथ सुरक्षित कृषि व्यापार और पौधों की सुरक्षा से जुड़े समझौते को भी मंजूरी मिली है. इस पहल से कपास किसानों को नई तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और आधुनिक शोध का लाभ मिलेगा. साथ ही कीटों का खतरा कम होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि सहयोग भी मजबूत होगा.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कपास उत्पादकता मिशन को मंजूरी मिलना कपास किसानों के लिए एक बड़ा और बदलाव लाने वाला फैसला है. उन्होंने बताया कि भारत दुनिया के कुल कपास उत्पादन में 21 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखता है और 114.47 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में इसकी खेती होती है. इसलिए कपास खेती न सिर्फ लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ी है, बल्कि देश के टेक्सटाइल उद्योग के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है.
मिशन को लेकर क्या बोले कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कपास क्षेत्र लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहा है, जैसे कम उत्पादन, बारिश पर निर्भर खेती, पिंक बॉलवर्म जैसे कीटों का असर, जलवायु जोखिम, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और बेहतर कृषि सुविधाओं की कमी. इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में खेती की स्थिति में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि उत्पादन में कमी और मांग व आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर से साफ है कि इस क्षेत्र में वैज्ञानिक और संगठित सुधार की जरूरत थी. इसी को ध्यान में रखते हुए कपास उत्पादकता मिशन शुरू किया गया है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़े, अच्छी गुणवत्ता वाला कपास लगातार उपलब्ध रहे और भारत का वस्त्र उद्योग फिर से मजबूत हो सके.
मिशन के लिए कुल 5,659.22 करोड़ का बजट
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह मिशन वस्त्र क्षेत्र के 5F मॉडल- फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन के अनुसार देश में खेती से लेकर उद्योग तक एक मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि इस मिशन के लिए कुल 5,659.22 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसका पहला हिस्सा कपास की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित है, जिसमें रिसर्च और विस्तार गतिविधियों के साथ कई रणनीतिक कदम शामिल होंगे. इसे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) और कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (DARE) मिलकर लागू करेंगे.
DARE के तहत 555.05 करोड़ खर्च होंगे
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि DARE के तहत 555.05 करोड़ रुपये खर्च करके कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए शोध कार्य किए जाएंगे. इसमें 24 नई ऐसी कपास किस्में विकसित की जाएंगी जो ज्यादा पैदावार दें और बदलते मौसम व कीटों के प्रति अधिक मजबूत हों. इनमें बेहतर गुणवत्ता, ज्यादा उपज, कीट-प्रतिरोध, अच्छी फाइबर क्वालिटी और अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार खास किस्मों पर काम किया जाएगा.
मिशन में शामिल होंगे 14 राज्य
उन्होंने आगे कहा कि DA&FW के तहत 3,804.17 करोड़ रुपये की लागत से नई कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाया जाएगा. इसमें उच्च घनत्व और कम दूरी पर बुवाई, बेहतर कपास किस्मों का प्रचार और एकीकृत फसल प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों को खेत स्तर पर प्रदर्शनों के जरिए किसानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उत्पादन और आय दोनों बढ़ सकें. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मिशन के शुरुआती चरण में 14 कपास उत्पादक राज्यों के 140 जिलों को शामिल किया जाएगा. इसमें करीब 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र और लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिलेगा. इस योजना को राज्य सरकारों और आईसीएआर के जरिए लागू किया जाएगा, ताकि नई तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी सीधे किसानों तक पहुंच सके.
मिशन से देश में बढ़ेगा कपास उत्पादन
उन्होंने आगे कहा कि इस मिशन का लक्ष्य कपास की उत्पादकता को मौजूदा 440 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 2031 तक 755 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना है. साथ ही उत्पादन को 297 लाख गांठों से बढ़ाकर 498 लाख गांठों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे न केवल कपास उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि देश के वस्त्र उद्योग को भी बेहतर और स्थिर कच्चा माल मिल सकेगा.