मध्य प्रदेश में 10 योजनाओं को मिली 15 हजार करोड़ की मंजूरी, जनकल्याण और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मध्य प्रदेश सरकार ने 6 विभागों की 10 योजनाओं को जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है. इन योजनाओं का उद्देश्य जनकल्याण, पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देना है, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

नोएडा | Updated On: 5 Feb, 2026 | 04:50 PM

Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास और लोगों की भलाई को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में 6 विभागों से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को जारी रखने के लिए लगभग 15,009 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है. इन योजनाओं का उद्देश्य गरीबों की मदद करना, रोजगार बढ़ाना, पशुपालन को मजबूत करना और सामाजिक सुरक्षा को बेहतर बनाना है. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.

जनकल्याण योजनाओं पर बड़ा खर्च

कैबिनेट के फैसले में मुख्यमंत्री जनकल्याण  (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए चलाई जा रही है. इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3,376 करोड़ 66 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी. सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से गांव और शहर दोनों जगह विकास के काम तेजी से पूरे हो सकेंगे.

पशुपालन और गौ संवर्धन को बढ़ावा

राज्य में पशुपालन को मजबूत बनाने के लिए भी बड़ा बजट तय किया गया है. मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉक ग्रांट योजना और पशुपालन, पशु विकास एवं गौ संवर्धन योजना के लिए कुल 6,472 करोड़ 18 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. इस फैसले से पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा. ग्रामीण इलाकों में पशुपालन से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने में भी यह कदम मददगार साबित हो सकता है. सरकार का फोकस डेयरी और पशुधन आधारित रोजगार को मजबूत करने पर है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था  को सहारा मिल सके.

सामाजिक सुरक्षा और महिला सहायता योजनाएं

कैबिनेट बैठक में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई. किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजना के लिए 24.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सहयोग देना है. सरकार का कहना है कि इससे कमजोर वर्गों को सुरक्षा और सहारा मिलेगा. इसके साथ ही अल्पसंख्यक स्वरोजगार और उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार  को बढ़ावा मिलेगा.

छोटी योजनाओं को भी मिली स्वीकृति

लोक वित्त पोषित 500 करोड़ रुपये से कम की 8 योजनाओं के लिए भी 115 करोड़ 6 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है. ये योजनाएं अलग-अलग विभागों से जुड़ी हैं और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी. सरकार का कहना है कि छोटी योजनाएं भी लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी होती हैं, इसलिए उन्हें जारी रखना जरूरी है. कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक  में लिए गए ये फैसले जनकल्याण, पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार जैसे कई अहम क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं. आने वाले समय में इन योजनाओं के जरिए प्रदेश के अलग-अलग वर्गों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

Published: 5 Feb, 2026 | 05:50 PM

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