सरकार ने मनरेगा का नाम बदला.. काम के दिन और मजदूरी बढ़ाई, 12 करोड़ श्रमिकों को मिलेगा लाभ
Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana: केंद्र सरकार ने MGNREGA का नाम बदलने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही केंद्र ने योजना के तहत गारंटी के साथ दिए जाने वाले के काम के दिनों की संख्या बढ़ा दी है और मजदूरी राशि को भी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है.
ग्रामीणों को रोजगार देने की पक्की गारंटी देने के लिए अप्रैल 2008 में पूरे भारत में लागू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा / MNREGA) का नाम बदल दिया गया है. केंद्र सरकार ने अहम फैसला लेते हुए योजना के तहत 100 दिनों के पक्के रोजगार दिवस को बढ़ाकर 125 दिन करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही कम से कम मजदूरी राशि भी बढ़ा दी गई है. इन बदलावों का सीधा लाभ योजना से जुड़े 12.17 करोड़ सक्रिय मजदूरों को मिलेगा.
मोदी सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदला
रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का नाम बदलने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही भारत की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना (Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana) कर दिया.
मनरेगा के काम के दिन और मजदूरी बढ़ाने को मंजूरी
ताजा केंद्रीय फैसले के अनुसार सरकार ने इस योजना के तहत कम से कम गारंटी वाले रोजगार के दिनों की संख्या भी बढ़ाकर 125 दिन कर दी है. इसके अलावा कम से कम मजदूरी को बदलकर 240 रुपये प्रति दिन कर दिया गया.
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12.17 करोड़ मजदूरों को मिलेगा ताजा बदलावों का सीधा लाभ
योजना के तहत कुल मजदूरों संख्या 27.95 करोड़ है. इसमें से एक्टिव 12.17 करोड़ मजदूर हैं. योजना में किए गए ताजा बदलावों का लाभ इन 12.17 करोड़ मजदूरों को मिलेगा. इसमें से सबसे ज्यादा सक्रिय मजदूरों की संख्या 1.18 करोड़ उत्तर प्रदेश में हैं. इसके बाद 1.16 करोड़ मजदूर राजस्थान में और 1 करोड़ सक्रिय मजदूर मध्य प्रदेश में हैं.
2008 में पूरे देश में लागू हुई थी मनरेगा योजना
यह योजना शुरू में नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005 (NREGA) नाम से शुरू की गई थी. बाद में इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) कर दिया गया. तत्कालीन यूपीए सरकार ने साल 2008 में ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का रोजगार गारंटी देने के इरादे से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) को देशभर में लागू किया था.
यह एक लेबर लॉ है जिसका मकसद भारत के ‘काम के अधिकार’ की गारंटी के सिद्धांत के तहत सोशल सिक्योरिटी को बढ़ावा देना है. इसका मुख्य मकसद ग्रामीण भारत में अनस्किल्ड नागरिकों के लिए रोज़ी-रोटी की सुरक्षा बढ़ाना है.