खेती से होगी छप्परफाड़ कमाई, इन 6 सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ..सीधे खाते में आएंगे पैसे
भारत सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई शानदार योजनाएं चला रही हैं. पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर फसल बीमा और सस्ते लोन वाली केसीसी योजना तक, ये सभी सुविधाएं किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करती हैं. इन स्कीमों के जरिए अब खेती करना सुरक्षित और मुनाफेदार हो गया है. जानिए कैसे आप भी ले सकते हैं इनका लाभ.
PM Kisan Benefits: खेती-किसानी को पहले केवल मेहनत का काम माना जाता था, लेकिन आज के दौर में सरकार की मदद से यह मुनाफे का सौदा बन चुका है. अक्सर जानकारी के अभाव में हमारे किसान उन सरकारी स्कीमों का लाभ नहीं उठा पाते, जो खास तौर पर उनकी जेब भरने और खेती को आसान बनाने के लिए बनाई गई हैं. चाहे फसल बर्बाद होने का डर हो या नई मशीनें खरीदने के लिए पैसों की तंगी-सरकार हर मोड़ पर आपके साथ खड़ी है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी 6 ‘सुपर’ योजनाओं के बारे में, जो किसानों की तकदीर बदल रही हैं.
पीएम किसान- आपके खाते में सीधे नकद मदद
सबसे लोकप्रिय योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) किसानों के लिए एक भरोसेमंद साथी की तरह है. इसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को साल भर में 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह पैसा 2,000 रुपये की तीन किश्तों में सीधे आपके बैंक खाते में आता है. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि बीच में कोई बिचौलिया नहीं होता, जिससे पूरा पैसा बिना किसी देरी के सीधे किसान तक पहुँचता है. यह रकम बुवाई के समय बीज और खाद खरीदने में बहुत काम आती है.
फसल बीमा और सस्ता लोन- अब रिस्क की नो टेंशन
खेती में मौसम का कोई भरोसा नहीं होता, इसलिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है. अगर प्राकृतिक आपदा या बीमारी से फसल खराब होती है, तो यह बीमा आपको भारी नुकसान से बचाता है. साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के जरिए किसानों को बेहद कम ब्याज पर लोन मिलता है. अगर आप समय पर लोन चुकाते हैं, तो ब्याज में 3 फीसदी की अतिरिक्त छूट भी मिलती है. यानी अब साहूकारों के कर्ज के जाल में फंसने की जरूरत नहीं है.
जैविक खेती- जहर मुक्त फसल और बंपर इनाम
आजकल बाजार में जैविक (Organic) फसलों की भारी मांग है. परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत सरकार किसानों को पुराने तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसमें किसानों को प्रति हेक्टेयर 31,500 रुपये की सहायता तीन साल तक दी जाती है. यह पैसा सिर्फ खेती के लिए ही नहीं, बल्कि फसल की पैकिंग और मार्केटिंग के लिए भी मिलता है. इससे आपकी फसल की कीमत बाजार में सामान्य से दोगुनी तक मिल सकती है.
e-NAM- मोबाइल से बेचें अपनी फसल, पाएं सही दाम
पुराने समय में किसान अपनी फसल लेकर मंडियों के चक्कर काटते थे और बिचौलियों के कहे दाम पर फसल बेचनी पड़ती थी. लेकिन ई-नाम (e-NAM) ने सब बदल दिया है. यह एक ऑनलाइन बाजार है जहाँ देश भर के व्यापारी जुड़े हैं. किसान घर बैठे अपनी फसल की ऑनलाइन बोली लगवा सकता है और जहां सबसे ज्यादा दाम मिले, वहां बेच सकता है. इससे पारदर्शिता आती है और किसान को अपनी मेहनत का पूरा फल मिलता है.
कृषि उद्यमिता- अब किसान बनेगा बिजनेस मालिक
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) का मकसद खेती को केवल गुजारा नहीं, बल्कि एक शानदार बिजनेस बनाना है. इस योजना के तहत खेती से जुड़े नए स्टार्टअप्स और मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जाता है. सरकार किसानों को ट्रेनिंग और संसाधन उपलब्ध कराती है ताकि वे सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ‘कृषि उद्यमी (Agri-Entrepreneur) बन सकें. इसमें खेती के जोखिम को कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों पर सब्सिडी भी दी जाती है.