शहद किसानों को भावांतर योजना की राशि जारी, 30 किसानों के खातों में पहुंचे 1.02 करोड़ रुपये

Honey Bee Farming Haryana: मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालकों के खाते में राशि जारी करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायल तकनीक आधारित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र एवं शहद व्यापार केंद्र स्थापित किया गया है. सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. 

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 May, 2026 | 02:41 PM

हरियाणा में शहद उत्पादन करने वाले किसानों को राज्य सरकार ने भावांतर भरपाई योजना का लाभ देने का वादा किया था, जिसे आज सीएम नायब सैनी ने पूरा कर दिया है. मुख्यमंत्री ने राज्य के 30 मधुमक्खी पालकों के बैंक खातों में 1.02 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मधुमक्खी पालन से अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. किसान केवल खेती पर आश्रित न रहें, उन्हें पशुपालन भी करना चाहिए ताकि अतिरिक्त कमाई हासिल हो सके.

30 किसानों के खाते में भेजी भावांतर राशि

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में विश्व मधुमक्खी दिवस कार्यक्रम में 30 किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 1.02 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसान को तय भाव से कम कीमत मिलती है तो नुकसान हुई राशि का भुगतान भावांतर योजना के तहत किया जा रहा है. यह कोशिश है कि अन्नदाता कभी नुकसान में न रहे और उसकी कमाई बढ़े.

इजरायल तकनीक से किसानों को मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायल तकनीक आधारित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र एवं शहद व्यापार केंद्र स्थापित किया गया है. इस केंद्र के जरिए इच्छुक किसानों को मधुमक्खी पालन की मुफ्त ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके साथ ही किसानों को शहद के साथ ही इसके बायो प्रोडक्ड बनाने के बारे में भी बताया जा रहा है.

मधुमक्खी पालन के लिए 85 फीसदी सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी पालन नीति 2021 में बनाई गई. हरियाणा में मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी के बक्सों, कॉलोनी और उपकरणों पर 85% तक की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है. इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना और भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है.

मधुमक्खियां प्रकृति की संरक्षक के साथ कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खियां केवल प्रकृति की संरक्षक नहीं बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं. प्रदेश के किसान भाइयों से अनुरोध है कि खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी करें. कम लागत, कम जमीन और कम संसाधनों में शुरू होने वाला यह व्यवसाय लाखों लोगों को रोजगार दे सकता है. हमारी सरकार हर कदम पर मधुमक्खी पालकों और इस कार्य से जुड़े किसानों के साथ है.

खेती के साथ पशुपालन भी करें किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मधुमक्खी पालन से अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. किसान केवल खेती पर आश्रित न रहें, उन्हें पशुपालन भी करना चाहिए ताकि अतिरिक्त कमाई हासिल हो सके. उन्होंने किसानों से खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीके से खेती करने की बचाय मल्टी क्रॉप और इंटीग्रेटेड फार्मिंग को अपनाना चाहिए.

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Published: 20 May, 2026 | 02:31 PM

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